चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड अंतर्गत नकटी बुरु/डैम परिसर में स्वैच्छिक सामाजिक संस्था देशाउलि फाउंडेशन की छमाही बैठक ‘दुनुब’ आयोजित हुई। बैठक में देशाउलि-जयरा सहित अन्य पवित्र स्थलों के संरक्षण-संवर्धन, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक स्वशासन को मजबूत करने को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में कोल्हान के विभिन्न क्षेत्रों से सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, ग्रामीण मुण्डा-मानकी, दियुरी, देयोंवां, महिला समिति, बोट संचालक समिति के सदस्यों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान कोल्हान के विभिन्न देशाउलि स्थलों का सर्वेक्षण और दस्तावेजीकरण करने, संरक्षण के लिए देशाउलि स्थल प्रबंधन समिति गठित करने तथा दियुरी की सामाजिक एवं पारिवारिक स्थिति को मजबूत करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में देशाउलि स्थलों को सामुदायिक भूमि के रूप में कानूनी संरक्षण दिलाने की दिशा में पहल करने तथा ग्रामसभा और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को सशक्त बनाने पर भी जोर दिया गया। पवित्र स्थलों और पर्यटन क्षेत्रों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्वच्छता अभियान, पर्यावरण जागरूकता और वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया गया। सामाजिक संगठनों के बीच समन्वय स्थापित कर स्थानीय रोजगार और सामुदायिक विकास को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई।
पर्यावरणविद् एवं शिक्षाविद् तथा अयुब स्कूल के संस्थापक प्रधान बिरुवा ने कहा कि देशाउलि स्थलों के संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर से छोटे-छोटे प्रयास करने होंगे। फाउंडेशन के सक्रिय सदस्य बिरसिंह बानरा ने युवाओं को जोड़कर संयुक्त सामाजिक एवं पर्यावरणीय कार्यक्रमों को गति देने की बात कही।
फाउंडेशन के संस्थापक साधु हो ने कहा कि देशाउलि-जयरा केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक पहचान, प्राकृतिक विरासत और सामुदायिक एकजुटता के प्रतीक हैं। इनके संरक्षण के साथ आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना फाउंडेशन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि झारखंड के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और असम में भी फाउंडेशन के कार्यों और योजनाओं का विस्तार किया जाएगा।
बैठक का संचालन निर्मल सिंकु ने किया। मौके पर दिपक तुबिड, निक्कु कुदादा, बिरसिंह बानरा, रबिन्द्र गिलुवा, बजाय बानरा, पंकज बंकिरा, निर्मला कांडेयंग, विजय सिंह सुंबरूई सहित कोल्हान रक्षा संघ के मानसिंह हेंब्रम, डिबर जोंको, रविंद्र मंडल, मंगल सिंह लगुरी, जयंती बिरुवा, पूनम देवगम, सुमित्रा जोंको, बिरसिंह गागराई, दियुरी गागराई एवं अन्य सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

