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Thu. Aug 27th, 2026

सीएसआईआर-एनएमएल में विद्यार्थियों ने देखी शोध की दुनिया, वैज्ञानिकों ने समझाया नवाचार का महत्व

जमशेदपुर। सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल), जमशेदपुर में गुरुवार को सीएसआईआर-जिज्ञासा कार्यक्रम के तहत लोयोला स्कूल, बिष्टुपुर के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अनुसंधान की कार्यप्रणाली से अवगत कराना, उनमें वैज्ञानिक सोच विकसित करना और विज्ञान एवं नवाचार के प्रति रुचि बढ़ाना था।

भ्रमण कार्यक्रम में लोयोला स्कूल के 83 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 49 छात्र और 34 छात्राएं शामिल थीं। विद्यार्थियों के साथ तीन शिक्षक भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत एमटीई प्रभाग के प्रमुख एवं वरिष्ठतम मुख्य वैज्ञानिक डॉ. एस. शिवप्रसाद के संबोधन से हुई। उन्होंने विद्यार्थियों को सीएसआईआर-एनएमएल में संचालित विभिन्न शोध एवं तकनीकी गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने आसान भाषा में समझाया कि प्रयोगशाला में वैज्ञानिक अनुसंधान किस तरह आगे बढ़ते हुए तकनीकी विकास और व्यावहारिक उपयोग तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि शोध का उद्देश्य उद्योग और समाज की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई सामग्रियों तथा उपयोगी तकनीकों का विकास करना है।

कार्यक्रम में आईएमडीसी प्रभाग के प्रमुख एवं वैज्ञानिक-जी डॉ. के. गोपाला कृष्णा ने विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने इस्पात और विभिन्न मिश्रधातुओं के गुणों तथा उनके रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने उदाहरणों के जरिए बताया कि किसी काम के लिए सामग्री का चयन उसके विशेष गुणों को ध्यान में रखकर किया जाता है। इस दौरान उन्होंने राइट बंधुओं के विमान संबंधी नवाचार का उदाहरण देते हुए वैज्ञानिक सिद्धांतों और सही सामग्री के चयन की तकनीकी विकास में भूमिका को भी रेखांकित किया।

इसके बाद जिज्ञासा कार्यक्रम के प्रमुख एवं वैज्ञानिक-ई डॉ. अनिमेष जना ने विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक सत्र किया। उन्होंने सीएसआईआर-जिज्ञासा पहल की विस्तार से जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों और अवसरों के बारे में बताया। उन्होंने STEM क्लब समेत विद्यार्थियों के लिए संचालित विभिन्न पहलों की जानकारी देते हुए उन्हें इन गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को सीएसआईआर-एनएमएल की विभिन्न प्रयोगशालाओं और तकनीकी सुविधाओं को करीब से देखने का अवसर मिला। उन्होंने CREEP, AAC, ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग, NDT और मेल्टिंग डेमोंस्ट्रेशन जैसी सुविधाओं का अवलोकन किया। विद्यार्थियों के लिए DIY किट तथा जल-विभाजन प्रयोग का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे उन्हें वैज्ञानिक अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप में समझने का अवसर मिला।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के लिए विज्ञान आधारित क्विज का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने वैज्ञानिकों से सीधे संवाद करने तथा प्रयोगशाला में चल रही गतिविधियों को प्रत्यक्ष रूप से देखने के अनुभव को उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों में अनुसंधान, प्रयोग और नवाचार के प्रति जिज्ञासा पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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