जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परविंदर सिंह ने शनिवार को भाजपा सांसद विद्युत वरण महतो की प्रेस वार्ता पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र में लंबे समय से भाजपा की सरकार है और विद्युत वरण महतो भी लगातार सांसद हैं। इसके बावजूद देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले सामने आने के दौरान उन्होंने छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े इन मुद्दों को संसद में प्रभावी ढंग से क्यों नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि अब प्रेस वार्ता कर बयान देना केवल बयानबाजी है।
परविंदर सिंह ने कहा कि भाजपा सांसद परीक्षाओं में अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह भी बताना चाहिए कि केंद्रीय एजेंसियों के स्तर पर पहले से जांच के दायरे में रहे मामलों में दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मामलों में केंद्र सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा व्यवस्था की खामी नहीं, बल्कि वर्षों तक मेहनत करने वाले छात्रों और उनके परिवारों के सपनों पर सीधा आघात है। उन्होंने भाजपा से अपने शासनकाल में सामने आई परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों पर जवाब देने की मांग की।
उन्होंने दावा किया कि झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है तथा दोषियों को किसी प्रकार का राजनीतिक संरक्षण नहीं दिया जाएगा। परविंदर सिंह ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को छात्रों के हित में कार्रवाई के लिए पत्र लिखे जाने के बाद राज्य सरकार की ओर से मामले को गंभीरता से लिया गया।
परविंदर सिंह ने भाजपा पर छात्रों और युवाओं के आक्रोश को राजनीतिक दिशा देने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर चिंतित है तो उसे पहले केंद्र सरकार से जवाब मांगना चाहिए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल के दौरान सामने आए परीक्षा विवादों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए छात्रों तथा युवाओं के साथ खड़ी रहेगी। युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा और इस मुद्दे पर सरकारों की जवाबदेही तय करने के लिए कांग्रेस अपना संघर्ष जारी रखेगी।

