जमशेदपुर। गोलमुरी क्षेत्र में बिगड़ती यातायात व्यवस्था, सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग और लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के खिलाफ आजसू पार्टी के जिला प्रवक्ता अप्पू तिवारी की ओर से शुरू की गई भूख हड़ताल गुरुवार को करीब ढाई घंटे बाद समाप्त हो गई। गोलमुरी यातायात थाना प्रभारी के हस्तक्षेप और एक सप्ताह के भीतर समस्या के समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद अप्पू तिवारी ने अनशन तोड़ने का निर्णय लिया।
भूख हड़ताल को समर्थन देने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और मजदूर संगठनों से जुड़े लोग मौके पर पहुंचे। आजसू पार्टी के जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह, पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस, मजदूर नेता सह समाजसेवी बंटी सिंह, भाजपा ओबीसी मोर्चा नेता सागर राय, हिंदू जागरण मंच के जिला अध्यक्ष बलबीर मंडल, बजरंग सेवा समिति के जिला अध्यक्ष धर्मवीर कुशवाहा, युवा भाजपा नेता चिंटू सिंह, वीर सिंह, नवीन तिवारी, आजसू जिला उपाध्यक्ष कमलेश दुबे, मृत्युंजय सिंह, सुधीर सिंह, परवीन प्रसाद, अभिषेक ओझा, अरुण शुक्ला और अमरेंद्र सिंह समेत कई लोगों ने आंदोलन का समर्थन किया।
अनशन स्थल पर गोलमुरी यातायात थाना प्रभारी पहुंचे और क्षेत्र की यातायात एवं पार्किंग से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया। थाना प्रभारी के आग्रह और जनहित में दिए गए समय को देखते हुए अप्पू तिवारी ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी।
इधर, सड़क और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए जेयूएससीओ की ओर से काम शुरू किए जाने की बात कही गई है। आंदोलनकारियों ने इसे अपनी मांगों की दिशा में शुरुआती पहल बताया है।
अप्पू तिवारी ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के विरोध में नहीं था। इसका उद्देश्य गोलमुरी क्षेत्र में आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और वाहनों की पार्किंग को व्यवस्थित कराना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में समस्याओं का स्थायी और ठोस समाधान नहीं होता है, तो जनहित में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
भूख हड़ताल के दौरान उमाशंकर सिंह, देवाशीष चौधरी, मुकेश रवि, शिवा कुमार, शशांक तिवारी, विवेक दहियारे, नवीन कुमार, श्रीधर कुमार, विकास कुमार, उमेश प्रसाद, लवकुश कुमार और विनय जी समेत अन्य समर्थक मौजूद रहे। अप्पू तिवारी ने आंदोलन को समर्थन देने वाले राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, मजदूर नेताओं, युवाओं और स्थानीय नागरिकों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि जनता की एकजुटता से ही व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

