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Wed. Aug 12th, 2026

*तांतनगर प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का प्रमंडलीय आयुक्त ने किया निरीक्षण, लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश*

चाईबासा: प्रमंडलीय आयुक्त, सिंहभूम (कोल्हान) रवि रंजन कुमार विक्रम ने बुधवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के तांतनगर प्रखंड सह अंचल कार्यालय तथा बाल विकास परियोजना कार्यालय का नियमित निरीक्षण किया। इस दौरान जिला पुलिस बल की ओर से प्रमंडलीय आयुक्त को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

निरीक्षण के दौरान पश्चिमी सिंहभूम के उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा, आयुक्त के सचिव दयानंद कर्जी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।

निरीक्षण के क्रम में प्रमंडलीय आयुक्त ने प्रखंड एवं अंचल कार्यालय की विभिन्न शाखाओं तथा बाल विकास परियोजना कार्यालय की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। उन्होंने कार्यालय में संधारित विभिन्न पंजी, रजिस्टर और संचिकाओं की जांच की। इस दौरान रोकड़ बही, आगत-निर्गत पंजी, वेतन भुगतान पंजी, आवंटन पंजी सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का अवलोकन किया गया। 15वें वित्त आयोग से संबंधित योजना पंजी और अभिलेखों के संधारण की भी समीक्षा की गई।

अभिलेखों के संधारण और कार्यालयीन व्यवस्था में आवश्यक सुधार को लेकर प्रमंडलीय आयुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न विभागों की ओर से संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति, लंबित मामलों तथा उनके निष्पादन की स्थिति की जानकारी ली। सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।

रवि रंजन कुमार विक्रम ने कहा कि कार्यालय में आने वाले प्रत्येक नागरिक को सुगम, पारदर्शी, समयबद्ध और नागरिक हितैषी सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने पदाधिकारियों और कर्मियों को आम लोगों के साथ सहयोगात्मक, संवेदनशील और सकारात्मक व्यवहार करने का निर्देश दिया। पात्र लाभुकों को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने में किसी तरह का अनावश्यक विलंब नहीं करने की बात कही।

उन्होंने प्राप्त आवेदनों और प्रकरणों का नियमानुसार त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के साथ कार्यालयीन कार्यों में जवाबदेही, पारदर्शिता और दक्षता बनाए रखने पर जोर दिया।

प्रमंडलीय आयुक्त ने विभिन्न माध्यमों से प्राप्त जन शिकायतों, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन आवेदनों तथा जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की ओर से प्राप्त परिवादों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने शिकायतों और लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए प्रकरणवार समीक्षा करने तथा अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा।

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का स्थानीय भाषा और स्थानीय माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता गतिविधियों को मजबूत करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

बाल विकास परियोजना कार्यालय के निरीक्षण के दौरान संबंधित अभिलेखों, कार्यालयीन व्यवस्था और विभागीय कार्यों की जानकारी ली गई। प्रमंडलीय आयुक्त ने योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा पात्र लाभुकों तक निर्धारित लाभ समय पर पहुंचाने का निर्देश दिया।

अंत में उन्होंने सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुखी कार्य संस्कृति अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सरकार की योजनाओं और जनसेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सभी को प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना चाहिए।

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