जमशेदपुर। सोनारी स्थित 37 झारखंड बटालियन एनसीसी आर्मी कैंप में शनिवार को टीबी (तपेदिक) उन्मूलन को लेकर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता 37 झारखंड बटालियन एनसीसी के कर्नल विनय आहूजा ने की, जबकि जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. जोगेश्वर प्रसाद सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही। कार्यक्रम में जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज और करीम सिटी कॉलेज के बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेटों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान कर्नल विनय आहूजा ने जिला यक्ष्मा पदाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की टीम का स्वागत करते हुए कहा कि एनसीसी कैडेट अनुशासन और सेवा भावना के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। उन्होंने कहा कि कैडेटों के माध्यम से टीबी के प्रति जागरूकता का संदेश समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार के टीबी मुक्त भारत अभियान में एनसीसी कैडेटों की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. जोगेश्वर प्रसाद ने कैडेटों को टीबी के लक्षणों, बीमारी की पहचान, जांच और उपचार की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी की जांच और उपचार की सरकारी व्यवस्था निशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने बीमारी के शुरुआती लक्षणों की पहचान कर समय पर जांच कराने और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पूरा उपचार लेने की अपील की।
जिला टीबी-एचआईवी को-ऑर्डिनेटर मोहम्मद फखरे आलम ने पूर्वी सिंहभूम में टीबी की स्थिति और मरीजों के लिए संचालित सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों को उपचार के साथ जरूरी सरकारी सहायता उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर काम किया जा रहा है। जिला पीपीएम को-ऑर्डिनेटर अमृतांशु साहू ने कैडेटों को टीबी मरीजों की मदद और पोषण संबंधी सहयोग के लिए ‘निक्षय मित्र’ बनने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान कई कैडेटों का निक्षय मित्र के रूप में पंजीकरण भी कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान टीबी उन्मूलन अभियान में एनसीसी की भागीदारी को और प्रभावी बनाने के लिए डॉ. डुमरेंद्र राजन को पूर्वी सिंहभूम जिले में एनसीसी की ओर से टीबी जागरूकता गतिविधियों का नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया। वह जिले में एनसीसी के माध्यम से टीबी जागरूकता और इससे संबंधित कार्यक्रमों के संचालन एवं समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे।
मौके पर कर्नल प्रेम चंद झा, मेजर सूबेदार रविन खंडाल, हवलदार संदीप सिंह, एसटीएलएस उदय शंकर और डीपीसी राजीव कुमार समेत एनसीसी तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

