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भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर भाजयुमो का सरकार पर हमला, नितिश कुशवाहा ने कहा- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

जमशेदपुर, 8 अगस्त। झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल, उत्पाद सिपाही, पीजीटीटी, मैट्रिक समेत विभिन्न प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, अनियमितता, परीक्षा स्थगित होने तथा भर्ती प्रक्रिया पर लगातार उठ रहे सवालों को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा जमशेदपुर महानगर ने राज्य सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है। भाजयुमो जिलाध्यक्ष एवं कोल्हान विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष नितिश कुशवाहा ने कहा कि राज्य के युवा वर्षों तक मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में बार-बार विवाद सामने आने से उनके भविष्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।

नितिश कुशवाहा ने कहा कि नौकरी युवाओं का अधिकार है, सरकार की कृपा नहीं। जिन युवाओं ने अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए वर्षों तक पढ़ाई और तैयारी की है, उनके सपनों के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आने पर उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए।

उन्होंने जेपीएससी, जेएसएससी समेत विवादों में रही विभिन्न परीक्षाओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि जांच केवल किसी छोटे स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच होनी चाहिए।

कुशवाहा ने अभय तिवारी से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि जिन-जिन परीक्षाओं में उनकी कथित भूमिका जांच के दायरे में आती है, उन सभी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान किसी परीक्षा में अनियमितता प्रमाणित होती है तो ऐसी परीक्षा को रद्द कराकर दोबारा पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए, ताकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके।

उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल प्रश्नपत्र के बाहर आने का मामला नहीं है, बल्कि इससे उन लाखों युवाओं के अधिकार प्रभावित होते हैं जिन्होंने अपनी पढ़ाई, समय और संसाधन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगाए हैं। परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होने की स्थिति में सरकार को पारदर्शी जांच कराकर अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषी व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के सामने उसे जवाब देना होगा।

10 अगस्त के विधानसभा घेराव में शामिल होने की अपील

नितिश कुशवाहा ने 10 अगस्त को छात्रों और युवाओं द्वारा रांची में प्रस्तावित विधानसभा घेराव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल किसी एक संगठन या व्यक्ति का आंदोलन नहीं है, बल्कि राज्य के लाखों छात्र-युवाओं के अधिकार और भविष्य से जुड़ा सवाल है।

उन्होंने झारखंड के छात्र-युवाओं से रांची पहुंचकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अब चुप रहने का समय नहीं है। युवाओं को अपने अधिकार और भविष्य के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी होगी।

भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने राज्य सरकार से भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि युवाओं के धैर्य की परीक्षा नहीं ली जानी चाहिए। सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ आखिर कब तक खिलवाड़ होता रहेगा। उन्होंने कहा कि भाजयुमो युवाओं के अधिकार की इस लड़ाई में सड़क से सदन तक मजबूती से उनके साथ खड़ा रहेगा।

नितिश कुशवाहा ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है। यह झारखंड के लाखों विद्यार्थियों की मेहनत, सम्मान, अधिकार और भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने सरकार से परीक्षा व्यवस्था में सुधार करने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और विवादित मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

प्रेस वार्ता में भाजपा नेता चिंटू सिंह, कृष्णकांत राय, यूपीएसी के छात्र बिनय सिंह, ममता सिंह, सोनी कुमारी, अमित मेहता, सोनू मौर्य, अमित पांडेय और मुकेश सिंह समेत अन्य भाजपा कार्यकर्ता एवं छात्र-युवा उपस्थित थे.

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