देवघर: राजकीय श्रावणी मेला 2026 में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम जलार्पण और बेहतर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने नेहरू पार्क स्थित एकीकृत मेला नियंत्रण कक्ष (आईएमसीआर) को अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित किया है। यह कंट्रोल रूम पूरे मेला क्षेत्र की चौबीसों घंटे निगरानी कर रहा है, जिससे हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कैमरे, फेस रिकॉगनिशन सिस्टम, सीसीटीवी नेटवर्क और ड्रोन कैमरों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। एआई कैमरे भीड़ की स्थिति का विश्लेषण करने के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने में मदद कर रहे हैं, जबकि फेस रिकॉगनिशन तकनीक के माध्यम से असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा रही है। वहीं, सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से पूरे मेला क्षेत्र की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे किसी भी आपात स्थिति या भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल निर्णय लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
कंट्रोल रूम में सुरक्षा व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी, पुलिस अधिकारी और कर्मियों की तीन पालियों में 24 घंटे तैनाती की गई है। इस व्यवस्था के कारण किसी भी सूचना या आपात स्थिति पर तत्काल प्रतिक्रिया देना संभव हो रहा है और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
आईएमसीआर केवल सुरक्षा निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विभिन्न विभागों के समन्वय का भी प्रमुख केंद्र बना हुआ है। स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, सफाई, नागरिक उड्डयन समेत मेले से जुड़े सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी और कर्मचारी यहां लगातार मौजूद रहकर डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। मेला क्षेत्र के किसी भी हिस्से से समस्या, शिकायत या आवश्यकता की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग आपसी समन्वय से तत्काल कार्रवाई कर रहे हैं, ताकि बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुखद यात्रा का अनुभव मिल सके।

