रांची: JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान शुक्रवार को नया घटनाक्रम सामने आया। दिल्ली से पहुंचे कुछ मीडिया प्रतिनिधियों और एक्टिविस्टों का आंदोलनकारी छात्रों ने खुलकर विरोध किया। छात्रों ने उनसे बातचीत करने से इनकार करते हुए स्पष्ट कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह झारखंड के युवाओं का है और इसमें किसी बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।
मौके पर मौजूद छात्रों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप था कि जब वे लगातार संघर्ष कर रहे थे, तब किसी बड़े मीडिया संस्थान या बाहरी समूह ने उनकी समस्याओं पर गंभीरता नहीं दिखाई। अब आंदोलन को व्यापक पहचान मिलने के बाद कुछ लोग इसका हिस्सा बनकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहते हैं, जिसे छात्र स्वीकार नहीं करेंगे।
आंदोलनकारियों ने कहा कि उनकी प्राथमिकता केवल भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित कराना है। इसलिए वे किसी भी ऐसे प्रयास का विरोध करेंगे, जिससे आंदोलन की दिशा या उद्देश्य प्रभावित हो। छात्रों ने यह भी कहा कि उनके मंच का इस्तेमाल किसी राजनीतिक, व्यक्तिगत या प्रचारात्मक मकसद के लिए नहीं होने दिया जाएगा।
छात्रों के विरोध के बीच बाहरी मीडिया प्रतिनिधियों और एक्टिविस्टों को आंदोलन स्थल से लौटना पड़ा। घटना के बाद आंदोलन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और सतर्क कर दी गई। जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
आंदोलनकारी छात्रों ने दोहराया कि जब तक JPSC और JSSC की परीक्षा एवं नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।

