जमशेदपुर: ढालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को लेकर लंबे समय से लंबित वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया में अब तेजी आने की उम्मीद जगी है। सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SCCI) के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को जमशेदपुर वन प्रमंडल के डीएफओ सबा आलम अंसारी से मुलाकात कर परियोजना की प्रगति की जानकारी ली।
बैठक के दौरान डीएफओ ने बताया कि एयरपोर्ट परियोजना से जुड़े सभी लंबित बिंदुओं पर उनके कार्यालय की ओर से आवश्यक जानकारी और जवाब तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिए गए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वन प्रमंडल स्तर पर किसी प्रकार की देरी नहीं होगी और अब मामला राज्य वन विभाग एवं केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) के स्तर पर विचाराधीन है।
दरअसल, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने 9 जुलाई 2026 को केंद्रीय मंत्रालय द्वारा उठाए गए अधिकांश बिंदुओं का अनुपालन प्रस्तुत कर दिया था। हालांकि हाथी गलियारों, मानव-हाथी संघर्ष के आंकड़ों, अनुसूची-1 वन्यजीवों की उपस्थिति, वन्यजीव आवास पर प्रभाव और अन्य तकनीकी जानकारियों से जुड़े कुछ बिंदुओं पर राज्य वन विभाग की रिपोर्ट लंबित थी।
SCCI अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि ढालभूमगढ़ एयरपोर्ट केवल एक अवसंरचनात्मक परियोजना नहीं, बल्कि पूरे सिंहभूम और झारखंड के आर्थिक विकास, निवेश, पर्यटन और रोजगार सृजन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सोनारी एयरोड्रम की सीमित क्षमता को देखते हुए आधुनिक वाणिज्यिक उड़ानों के लिए नए एयरपोर्ट का निर्माण समय की जरूरत है।
चैंबर ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी अनुरोध किया है कि राज्य स्तर पर इस परियोजना की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि वन विभाग द्वारा भेजे गए जवाब जल्द PARIVESH पोर्टल पर अपलोड हों और परियोजना को स्टेज-1 एवं स्टेज-2 वन स्वीकृति शीघ्र मिल सके।
सिंहभूम चैंबर ने वन विभाग, जिला प्रशासन और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा अब तक किए गए सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि वह परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए राज्य और केंद्र सरकार के साथ हरसंभव सहयोग करता रहेगा।

