जमशेदपुर। गोविंदपुर रेलवे फाटक थाना के सामने रेलवे की जमीन पर पिछले लगभग 40 वर्षों से रह रहे बस्तीवासियों ने फ्लाईओवर निर्माण के कारण रेलवे द्वारा जारी मकान खाली करने के नोटिस के बाद पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। बस्तीवासियों ने उन्हें आवेदन सौंपते हुए घर खाली करने की अवधि बढ़वाने और सभी प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक सरकारी जमीन पर पुनर्वास की व्यवस्था कराने की मांग की।
आवेदन में बस्तीवासियों ने बताया कि वे पिछले चार दशकों से उक्त स्थान पर अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। फ्लाईओवर निर्माण परियोजना के तहत रेलवे ने उन्हें मकान खाली करने का नोटिस दिया है, जिससे उनके सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि वे विकास कार्यों का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन बिना वैकल्पिक व्यवस्था के घर खाली करना उनके लिए संभव नहीं है। ऐसे में सरकार और प्रशासन पहले पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करे, उसके बाद ही उन्हें हटाया जाए।
बस्तीवासियों ने पूर्व मंत्री से अनुरोध किया कि वे रेलवे प्रशासन से वार्ता कर मकान खाली करने के लिए दिए गए समय को बढ़वाने का प्रयास करें। साथ ही राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के सहयोग से प्रभावित परिवारों को किसी उपयुक्त सरकारी भूमि पर बसाने की पहल करें, ताकि कोई भी परिवार बेघर न हो।
इस दौरान पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने बस्तीवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे रेलवे अधिकारियों, जिला प्रशासन और राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर हरसंभव प्रयास करेंगे ताकि प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्य आवश्यक हैं, लेकिन विकास की कीमत गरीबों को बेघर करके नहीं चुकाई जानी चाहिए। पुनर्वास की समुचित व्यवस्था होना भी उतना ही जरूरी है।
दुलाल भुईयां ने कहा कि वे इस पूरे मामले को संबंधित विभागों के समक्ष मजबूती से उठाएंगे और प्रयास करेंगे कि बस्तीवासियों को पर्याप्त समय मिले तथा उनके लिए सम्मानजनक पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और वे इस मुद्दे पर लगातार प्रशासन के संपर्क में रहेंगे।
आवेदन पर जितेंद्र ठाकुर, राज कुमार, उषा देवी, प्रमोद ठाकुर, शांति देवी, राजू दास, गीता देवी, सुनीता देवी, बालराम प्रसाद, जितेंद्र कुमार, बिलंद दास, सुनीता कुमारी सहित कई बस्तीवासियों के हस्ताक्षर हैं। बस्तीवासियों ने उम्मीद जताई कि पूर्व मंत्री के हस्तक्षेप से उनकी समस्या का मानवीय और स्थायी समाधान निकलेगा तथा उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाने की दिशा में प्रशासन सकारात्मक पहल करेगा।

