जमशेदपुर: टाटानगर रेल सिविल डिफेंस टीम ने आपदा प्रबंधन और सुरक्षा जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए रेलवे और समाज के बीच एक मजबूत सुरक्षा तंत्र विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। टीम ने अपनी दक्षता, अनुशासन और निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों लोगों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया है।
रेलवे के इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र में रेलवे भर्ती बोर्ड से चयनित नव-नियुक्त लोको पायलटों के साथ-साथ रिफ्रेशर कोर्स में शामिल कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। अब तक कुल 15,159 लोको पायलट इस प्रशिक्षण का लाभ उठा चुके हैं। प्रशिक्षण के दौरान दुर्घटना की स्थिति में त्वरित बचाव, प्राथमिक उपचार, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।
इसके अलावा जेडआरटीआई (ZRTI), एमडीटीआई (MDTI), लोको शेड तथा कैरेज एवं वैगन विभाग के लगभग चार हजार अधिकारियों और कर्मचारियों को भी आपदा प्रबंधन से संबंधित विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस पहल का उद्देश्य रेलवे के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी ढंग से राहत एवं बचाव कार्य करने के लिए तैयार करना है।
सिविल डिफेंस टीम ने केवल रेलवे तक ही अपनी गतिविधियों को सीमित नहीं रखा, बल्कि सामाजिक जागरूकता को भी प्राथमिकता दी। रेलवे हाई स्कूल, श्यामा प्रसाद कॉलेज, एल.वी.एस.एम. विद्यालय तथा गोलमुरी केरल पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं को आपदा से बचाव, प्राथमिक उपचार, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित व्यवहार संबंधी प्रशिक्षण देकर उन्हें जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया गया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सदर अस्पताल खासमहल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुगसलाई, मानगो और निमडीह में चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा मरीजों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में आपदा प्रबंधन, आग से सुरक्षा, प्राथमिक उपचार और सर्पदंश से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी गई, जिससे आपात स्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की क्षमता विकसित हो सके।
टाटानगर रेल सिविल डिफेंस टीम का यह सतत प्रयास रेलवे कर्मचारियों के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए भी सुरक्षा का मजबूत आधार बन रहा है। प्रशिक्षित मानव संसाधन भविष्य में किसी भी प्राकृतिक या मानव-जनित आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को गति देने, जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा राष्ट्रीय संपत्तियों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार रहेगा। टीम का यह कार्य समाज सेवा, मानवता और राष्ट्रहित के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।

