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Fri. Jul 31st, 2026

मानगो के 16 मकानों पर संकट, सरयू राय ने उपायुक्त और मुख्य अभियंता से की पहल

जमशेदपुर। मानगो क्षेत्र में एनजीटी के आदेश के बाद 16 रिहायशी मकानों को तोड़ने के लिए जारी नोटिस के मामले में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में लोगों के घरों को ध्वस्त करने से गंभीर मानवीय संकट उत्पन्न होगा, इसलिए सरकार को एनजीटी के समक्ष अतिरिक्त समय की मांग करनी चाहिए।

सरयू राय ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त, मानगो के अंचलाधिकारी तथा स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के मुख्य अभियंता से बातचीत की है। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि मकानों को तोड़ने के लिए जारी नोटिस जिला प्रशासन की ओर से किसी स्वतंत्र निर्णय के तहत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के अनुपालन में जारी किया गया है। एनजीटी ने सरकार के जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन को अपने आदेश का पालन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा कि चूंकि इस मामले में जल संसाधन विभाग भी पक्षकार है, इसलिए विभाग को एनजीटी के समक्ष हस्तक्षेप कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और मकानों को तत्काल तोड़ने की कार्रवाई पर रोक अथवा समय देने का अनुरोध करना चाहिए। सरयू राय ने मुख्य अभियंता से आग्रह किया कि वे राज्य सरकार को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए एनजीटी में समय विस्तार का अनुरोध करें, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।

विधायक ने बताया कि अंचलाधिकारी ने उन्हें जानकारी दी है कि मानगो के कुल 16 मकानों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में संबंधित लोगों से स्वयं अतिक्रमण हटाने को कहा गया है, अन्यथा जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

सरयू राय ने कहा कि सरकार को एनजीटी के समक्ष यह भी रखना चाहिए कि वर्तमान में बरसात का मौसम है और ऐसे समय में रिहायशी मकानों को तोड़ने से प्रभावित परिवारों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए न्यायाधिकरण से समय मांगेगी, जिससे लोगों के घर तत्काल टूटने से बच सकें।

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