चाईबासा। जगन्नाथपुर के विधायक सोनाराम सिंकु ने कहा कि मेघाहातुबुरू लौह अयस्क खदान से प्रभावित स्थायी गांवों के लोगों को रोजगार, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं में प्राथमिकता देना सेल प्रबंधन की नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं और मजदूरों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगी तथा उनकी जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए।
बुधवार को स्थानीय मजदूरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधायक सोनाराम सिंकु से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। इसके बाद विधायक ने मजदूरों की ओर से तैयार छह सूत्री मांग पत्र सेल बीएसएल लौह अयस्क खदान मेघाहातुबुरू के महाप्रबंधक को सौंपते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
मांग पत्र में कहा गया है कि खदान क्षेत्र में ठेका मजदूरों की नियुक्ति, सप्लाई कार्य और अन्य बहाली में खदान प्रभावित स्थायी गांवों के लोगों को उनके आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर प्राथमिकता दी जाए, ताकि रोजगार का लाभ वास्तविक प्रभावित परिवारों को मिल सके। इसके साथ ही सेल कंपनी में कार्यरत स्थानीय सप्लाई मजदूरों को गेट पास या अन्य दस्तावेजों के नाम पर अनावश्यक परेशान नहीं किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित गांवों के बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। इसके अलावा किरीबुरू और मेघाहातुबुरू अस्पतालों में बेहतर चिकित्सा सुविधा, समय पर इलाज और मरीजों के लिए समुचित भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई। सभी स्थायी गांवों में सीएसआर मद से सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक सप्ताह मेडिकल शिविर आयोजित करने की भी मांग की गई।
मजदूरों ने यह भी आग्रह किया कि सप्लाई मजदूरों के साथ किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा धमकी, प्रताड़ना, हाजिरी काटने या किसी प्रकार का शोषण नहीं किया जाए। विधायक सोनाराम सिंकु ने कहा कि सेल प्रबंधन स्थानीय लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करे, ताकि खदान प्रभावित परिवारों को उनका अधिकार और सम्मान मिल सके।

