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Wed. Jul 29th, 2026

मैट्रिक बोर्ड परीक्षा-2027 की तैयारी में जुटा जिला प्रशासन, बेहतर परिणाम के लिए बनेगी विशेष कार्ययोजना

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में मैट्रिक बोर्ड परीक्षा-2027 के परिणामों में सुधार लाने और विद्यार्थियों को बेहतर परीक्षा तैयारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने व्यापक रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। इस संबंध में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार, जिला शिक्षक संघ के अध्यक्ष, ऑनलाइन शैक्षणिक सहयोगी संस्था फिलो के प्रतिनिधि तथा संबंधित पदाधिकारी शामिल हुए।

बैठक में उपायुक्त मनीष कुमार ने जिले के सभी विद्यालयों में बोर्ड परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा के परिणामों में गुणात्मक सुधार जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी विद्यालयों में सुनियोजित एवं लक्ष्य आधारित तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

उपायुक्त ने बताया कि जिले के लगभग 170 विद्यालयों से मेधावी एवं प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं का चयन कर उन्हें विशेष शैक्षणिक सहयोग दिया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को अतिरिक्त कक्षाएं, विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन तथा नियमित शैक्षणिक मूल्यांकन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे बोर्ड परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त कर सकें।

उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट विद्यार्थियों के चयन के लिए अनुमंडल स्तर पर जांच परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के आधार पर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण और अकादमिक सहयोग दिया जाएगा। इससे विद्यार्थियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल भी बनेगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि केवल चयनित विद्यार्थियों ही नहीं, बल्कि सभी बोर्ड परीक्षार्थियों पर समान रूप से ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए नियमित कक्षाओं के अलावा अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों की विषयगत कमजोरियों को दूर कर उनकी तैयारी को मजबूत बनाया जा सके।

उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी विद्यालयों में समयबद्ध तरीके से नियमित जांच परीक्षाएं आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लगातार अभ्यास परीक्षा होने से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, परीक्षा का भय कम होगा और वे बोर्ड परीक्षा के माहौल से पहले ही परिचित हो सकेंगे। साथ ही जांच परीक्षा के परिणामों के आधार पर विद्यार्थियों की कमजोरियों का विश्लेषण कर आवश्यक शैक्षणिक सुधार किए जाएंगे।

बैठक में ऑनलाइन शैक्षणिक सहयोगी संस्था फिलो के प्रतिनिधियों ने डिजिटल माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, विषय विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन तथा ऑनलाइन शैक्षणिक सहयोग की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस पर उपायुक्त ने विद्यालयों के साथ समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

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