जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया वन क्षेत्र अंतर्गत कलियाम गांव में सोमवार सुबह जंगली हाथियों के हमले में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। मृतक की पहचान अनिल महतो के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का झुंड लगातार गांवों में घुसकर घरों और फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है, जबकि वन विभाग प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने में विफल साबित हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह अनिल महतो अपने घर के बाहर ब्रश कर रहे थे। उस समय उनका सात वर्षीय नाती भी उनके साथ मौजूद था। इसी दौरान एक जंगली हाथी अचानक वहां पहुंच गया और अनिल महतो पर हमला कर दिया। हमले में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनका नाती बाल-बाल बच गया। परिजन और ग्रामीण उन्हें तत्काल चाकुलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि सुबह करीब 20 हाथियों का एक झुंड गांव के पास से गुजर रहा था और कुछ देर बाद जंगल की ओर लौट गया। इसी बीच एक हाथी वापस गांव में आ गया और अनिल महतो पर हमला कर दिया। घटना के बाद हाथियों ने गांव में कई घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया तथा एक ट्रॉली भी तोड़ डाली। हाथियों के लगातार उत्पात से ग्रामीण भय के साये में जीवन बिताने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि शाम होते ही वे घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। हाथी भोजन की तलाश में घरों में घुस रहे हैं और खेतों में लगी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, चाकुलिया वन क्षेत्र की कलियाम पंचायत में इस समय लगभग 25 हाथियों ने राजाबासा जंगल में डेरा डाल रखा है। इनके कारण कलियाम, हाथीबाड़ी, जामबनी, भूरसानी, गोदाराशोल, सुनसुनिया और सालबनी समेत कई गांवों के लोग लगातार दहशत में हैं। आए दिन किसी न किसी गांव में हाथियों के उत्पात की घटनाएं सामने आ रही हैं। इतना ही नहीं, चाकुलिया वन क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में दर्जनों हाथियों के विचरण करने की जानकारी भी सामने आई है, जिससे पूरे क्षेत्र में लोगों की चिंता बढ़ गई है।

