रांची: राजधानी रांची के रातू थाना क्षेत्र स्थित चटकपुर शांति नगर पोखर टोला में आज सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। एक किराए के मकान के बंद कमरे में मां और उसके ढाई वर्षीय बेटे का शव मिलने से सनसनी फैल गई, जबकि कमरे में मौजूद दो किशोरियां बेहोशी की हालत में मिलीं। दोनों को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बंद कमरे में कोयले के चूल्हे से निकले जहरीले धुएं के कारण यह हादसा हुआ।
मृतकों की पहचान 32 वर्षीय पिंकी देवी और उनके ढाई वर्षीय बेटे श्रवण कुमार के रूप में हुई है। वहीं, 15 वर्षीय चंदा कुमारी और प्राची कुमारी की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार मूल रूप से बिहार के छपरा जिले के महमदा गांव का रहने वाला है। परिवार पिछले करीब ढाई वर्षों से चटकपुर शांति नगर में धन्नू यादव के मकान में किराए पर रह रहा था। पिंकी देवी के पति चंदन साहू का पहले ही निधन हो चुका था। पति की मौत के बाद पिंकी एक कपड़े की दुकान में काम कर परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं। परिवार में उनके ससुर पंचम साहू टोटो चलाकर और सास मुन्नी देवी मजदूरी कर किसी तरह घर चला रहे थे। इस हादसे ने पहले से ही संघर्ष कर रहे परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है।
घटना का पता सुबह करीब पांच बजे चला। रोज की तरह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई। लोगों ने मकान की छत पर लगे एस्बेस्टस को हटाकर कमरे में प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। चौकी पर पिंकी देवी और उनका मासूम बेटा मृत पड़े थे, जबकि चंदा और प्राची बेहोशी की हालत में तड़प रही थीं। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और दोनों किशोरियों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
सूचना मिलते ही रातू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि बंद कमरे में कोयले के चूल्हे से निकली जहरीली गैस और धुएं के कारण दम घुटने से यह हादसा हुआ। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।

