रांची/गुमला: गुमला जिले के चैनपुर थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी एवं सब इंस्पेक्टर शैलेश कुमार को रिश्वतखोरी मामले में तीसरी बार भी राहत नहीं मिली है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका एक बार फिर खारिज कर दी है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया।
गौरतलब है कि एसीबी ने 21 जनवरी को शैलेश कुमार को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने सबसे पहले एसीबी की विशेष अदालत में जमानत के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
इसके बाद शैलेश कुमार ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने भी अप्रैल माह में उनकी जमानत याचिका अस्वीकार कर दी थी। हालांकि, अदालत ने उन्हें आरोप गठन के बाद दोबारा जमानत याचिका दायर करने की स्वतंत्रता दी थी।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद शैलेश कुमार ने दोबारा एसीबी की विशेष अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया। लेकिन अदालत ने उन पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों और मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उनकी जमानत याचिका फिर से खारिज कर दी। इस फैसले के साथ ही रिश्वतखोरी के आरोपी सब इंस्पेक्टर को लगातार तीसरी बार जमानत नहीं मिल सकी।

