चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने झारखंड सरकार के प्रोजेक्ट प्राण के अंतर्गत संचालित मिशन जीवनधारा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। उपायुक्त मनीष कुमार के नेतृत्व में जिले के 18 प्रखंडों की विभिन्न ग्राम पंचायतों को कुल 67 पानी टैंकर उपलब्ध कराए गए हैं। इन टैंकरों की खरीद संबंधित पंचायतों ने 15वें वित्त आयोग मद से की है।
जिला प्रशासन के अनुसार यह व्यवस्था विशेष रूप से उन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए लाभकारी होगी, जहां गर्मी के मौसम, जलस्तर में गिरावट या अन्य कारणों से पेयजल संकट उत्पन्न होता है। ऐसे क्षेत्रों में पंचायतों के माध्यम से ग्रामीणों को निःशुल्क एवं समयबद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इससे दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी लाने की परेशानी कम होगी और महिलाओं, बुजुर्गों तथा बच्चों को विशेष राहत मिलेगी।
प्रशासन ने पंचायत स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर पंचायत प्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पानी टैंकरों का प्रभावी एवं पारदर्शी संचालन सुनिश्चित किया जा सके। मिशन जीवनधारा का उद्देश्य केवल तत्काल पेयजल संकट का समाधान करना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी एवं सुदृढ़ जल प्रबंधन व्यवस्था विकसित करना भी है।
इस पहल से पंचायतों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी। पेयजल संकट के दौरान आम लोगों को निःशुल्क पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि सरकारी प्रावधानों के अनुसार अन्य सार्वजनिक एवं निर्माण कार्यों या विशेष परिस्थितियों में टैंकरों के उपयोग से पंचायतों को राजस्व प्राप्त होगा। इस राजस्व का उपयोग स्थानीय विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं में किया जा सकेगा।
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को समय पर सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में संचालित प्रोजेक्ट प्राण के तहत मिशन जीवनधारा ग्रामीण विकास और जनकल्याण का प्रभावी मॉडल बनकर उभर रहा है। पंचायतों को संसाधनों से सशक्त बनाकर स्थानीय समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पंचायतों में उपलब्ध कराए गए 67 पानी टैंकर पेयजल संकट के समय ग्रामीणों को त्वरित राहत देने के साथ-साथ स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों से संसाधनों का पारदर्शी एवं जनहित में अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की अपील की।
जिला प्रशासन ने सभी पंचायतों से पानी टैंकरों का नियमित रखरखाव, समय-समय पर तकनीकी जांच तथा आवश्यकता के अनुसार संचालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। साथ ही आम नागरिकों से पेयजल का विवेकपूर्ण उपयोग करने, जल संरक्षण अपनाने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और पारंपरिक जलस्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है।

