चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। मझगांव प्रखंड के गितीकुंदु, बड़ा पसेया और चिरूपसेया गांव में जंगली हाथियों का झुंड पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हाथियों के लगातार गांवों में प्रवेश करने से कई मकानों और फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, हाथियों का झुंड रात के समय गांवों में पहुंच रहा है। इससे ग्रामीण पूरी रात जागकर अपने परिवार और संपत्ति की सुरक्षा करने को मजबूर हैं। स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। विभाग के कर्मचारियों के साथ करीब 300 ग्रामीण, जिनमें बच्चे, युवक और अन्य ग्रामीण शामिल थे, मशाल लेकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने के अभियान में जुटे। काफी मशक्कत के बाद हाथियों के झुंड को आबादी वाले क्षेत्र से हटाने का प्रयास किया गया।
इधर, मझगांव क्षेत्र में एक दंतैल हाथी ने एक घर को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान घर में रखा करीब 40 किलो अनाज भी हाथी ने नष्ट कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के लगातार गांवों में आने से जान-माल का खतरा बना हुआ है। साथ ही खेती की फसलें भी लगातार बर्बाद हो रही हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने तथा स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हाथियों के कारण किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
वन विभाग ने ग्रामीणों से हाथियों के नजदीक नहीं जाने, सतर्क रहने तथा किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को देने की अपील की है। वहीं प्रभावित गांवों में हाथियों की निगरानी के लिए विभाग की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।

