चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित उपायुक्त प्रकोष्ठ में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी सहित सदर चाईबासा, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर और जगन्नाथपुर अनुमंडल के खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में उपायुक्त मनीष कुमार ने निर्देश दिया कि जिले के सभी खाद्य व्यवसायियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत लाइसेंस एवं पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अनुमंडलवार विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि शिविरों की तिथि पहले से निर्धारित कर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक व्यवसायी इसका लाभ उठा सकें। साथ ही जिन व्यवसायियों के लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी है, उनका समय पर नवीकरण सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने जिले में संचालित सभी वाटर फिल्टर संयंत्रों एवं पेयजल आपूर्ति करने वाले व्यवसायियों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश देते हुए कहा कि पेयजल की गुणवत्ता और शुद्धता की लगातार जांच की जाए। यदि कहीं भी खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
बैठक में जिले के सभी होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मिठाई दुकान और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण, स्वच्छ वातावरण, कर्मचारियों द्वारा अपनाए जा रहे स्वच्छता मानकों तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी सभी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि निरीक्षण के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर विशेष निगरानी रखी जाए और इसके प्रयोग पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके अलावा तंबाकू एवं संबंधित उत्पादों की बिक्री और उपयोग से जुड़े नियमों का भी नियमित निरीक्षण किया जाए।
आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए उपायुक्त ने मिठाइयों, दुग्ध उत्पादों, खाद्य तेल, मसालों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की विशेष जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाए तथा मिलावट या निम्न गुणवत्ता मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि खाद्य व्यवसायी खाद्य पदार्थों के निर्माण और पकाने में केवल मानक एवं शुद्ध खाद्य तेल का ही उपयोग करें। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण एवं प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

