जमशेदपुर: डबल डाउन हत्याकांड में मारे गए हिमांशु सिंह के शव के अंतिम संस्कार को लेकर पिछले ढाई दिनों से जारी गतिरोध बुधवार को समाप्त हो गया। सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह और कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा के साथ परिजनों की लंबी वार्ता के बाद प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया, जिसके आधार पर परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गया। इसके बाद परिजन शव लेने टीएमएच पहुंचे और देर शाम अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई।
वार्ता के दौरान परिजनों ने सभी नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, घटना के समय मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच, मृतक की पत्नी ऋचा सिंह को सरकारी नौकरी तथा मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग दोहराई। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि ऋचा सिंह को उनकी योग्यता के अनुरूप सरकारी नौकरी देने के लिए राज्य सरकार को अनुशंसा भेजी जाएगी। साथ ही लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी जानकारी दी कि मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर स्पीडी ट्रायल के माध्यम से कानून के अनुसार सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
बुधवार सुबह से आदित्यपुर स्थित आवास पर चली वार्ता में धालभूम के एसडीएम अर्नव मिश्रा, जमशेदपुर के सिटी एसपी ललित मोहन मीणा, ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल सहित दोनों जिलों के कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। कई दौर की बातचीत और लिखित आश्वासन के बाद ही सहमति बनी। अब पूरे मामले में लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन अपने वादों को कितनी तेजी से अमल में लाता है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक सुनिश्चित होती है।

