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Indian Freedom Struggle

29 अक्टूबर 1915 को काबुल में हुई थी अस्थायी आजाद हिन्द सरकार की स्थापना राजा महेन्द्र प्रताप बने थे राष्ट्रपति, मौलाना बरकतुल्ला ने संभाली थी प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी

जमशेदपुर।भारत की स्वतंत्रता का संघर्ष केवल देश की सीमाओं के भीतर नहीं लड़ा गया, बल्कि विदेशों में रहकर…

*मदनलाल ढींगरा : मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर करने वाला अमर क्रांतिकारी*

जमशेदपुर।भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास ऐसे असंख्य वीरों के त्याग और बलिदान से भरा है, जिन्होंने विदेशी शासन…

मनमथनाथ गुप्त और शचींद्रनाथ सान्याल : भारतीय क्रांतिकारी चेतना के दो अमर हस्ताक्षर

जमशेदपुर। “क्रांति केवल बंदूक की आवाज नहीं होती, वह विचारों की ऐसी ज्वाला है जो पीढ़ियों को स्वतंत्रता,…