चाईबासा: जनजातीय समाज के सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली दिवंगत युवा नेत्री निशा भगत को न्याय दिलाने की मांग को लेकर चाईबासा में विरोध-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कर राज्य सरकार के प्रति आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारियों ने निशा भगत प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सीबीआई से कराने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि निशा भगत जनजातीय समाज के सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों की बुलंद आवाज थीं। उनके साथ हुई घटना को लेकर समाज में दुख और आक्रोश है। वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार को मामले में गंभीरता दिखाते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। सीबीआई जांच से घटना की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत कठोर सजा दिलाई जा सकेगी।
वक्ताओं ने कहा कि किसी भी बेटी को न्याय के लिए संघर्ष नहीं करना पड़े, यह सरकार की जिम्मेदारी है। निशा भगत को न्याय दिलाने की मांग केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि न्याय, सम्मान और जनजातीय समाज के अधिकारों से जुड़ा विषय है।
विरोध-प्रदर्शन में जिला महामंत्री भूषण पात पिंगुआ, जिला उपाध्यक्ष चंद्र मोहन तिऊ, सनी पासवान, प्रताप कटियार, राजश्री, सवैया महतो, नगर अध्यक्ष राकेश पोद्दार, दिलीप साव, श्रीति दास (रूपा दास), हेमंत केशरी, अक्षय खत्री, जीतू पटनायक, रीना कर, डोली कर, रिंकू सिंह, शीला प्रामाणिक, सुप्रिया दास, पंकज टोप्पो, जयकिशन बिरूली, अनंत सयनम, हर्ष रवानी और नारायण निषाद सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

