जमशेदपुर। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आदिवासी नेत्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता निशा कुमारी भगत की आत्महत्या को बेहद गंभीर घटना बताते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय सीबीआई जांच की मांग की है। शनिवार को गुमला के चैनपुर प्रखंड में निशा भगत के अंतिम संस्कार में शामिल होकर उन्होंने परिजनों से मुलाकात की और अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि निशा भगत की मौत से जुड़े प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच जरूरी है।
रघुवर दास ने कहा कि निशा भगत ने अपने अंतिम वीडियो में राज्य सरकार, पुलिस-प्रशासन और जमीन माफिया पर प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि कोई आदिवासी महिला अपनी जमीन, संस्कृति और समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ते हुए इतना असहाय महसूस करे कि उसे आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़े, तो यह शासन-प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने निशा भगत के संघर्ष को आदिवासी अस्मिता, सरना-सनातन संस्कृति और जल-जंगल-जमीन की रक्षा से जुड़ा बताया। रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि अंतिम वीडियो में लगाए गए आरोपों में नामित लोगों और अधिकारियों की भूमिका की जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वालों पर कठोर कार्रवाई हो।
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार से निशा भगत के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की। उन्होंने आदिवासी जमीन पर अवैध कब्जे और जमीन माफियाओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाने तथा आदिवासी महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि निशा भगत की मौत से जुड़े सवालों का जवाब मिलना चाहिए और उनके परिवार को न्याय मिलना चाहिए।

