Breaking
Tue. Oct 27th, 2026

*आदिवासियों को अधिकार नहीं, केवल भाषण और रैलियां दे रही कांग्रेस : गीता बालमुचू*

चाईबासा : भारतीय जनता पार्टी की पश्चिमी सिंहभूम जिलाध्यक्ष गीता बालमुचू ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष सह जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु और कांग्रेस के झारखंड प्रभारी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कब तक वोट चोरी के आरोपों और आदिवासी हितों के नाम पर राजनीति करती रहेगी। यदि कांग्रेस चुनाव में वोट चोरी का आरोप लगाती है, तो उसे इसके ठोस प्रमाण जनता के सामने रखने चाहिए। बिना प्रमाण आरोप लगाकर लोगों में भ्रम फैलाना उचित नहीं है।

गीता बालमुचू ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की बात करने वाली कांग्रेस को बताना चाहिए कि सत्ता में रहते हुए उसने आदिवासी और मूलवासी समाज के लिए क्या ठोस काम किए। पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और ग्रामीण यातायात जैसी समस्याएं आज भी बनी हुई हैं। आदिवासी समाज को भाषण और रैलियों के बजाय समस्याओं का समाधान और अपने अधिकार चाहिए।

उन्होंने पेसा कानून का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह कानून वर्ष 1996 में संसद से पारित हुआ था, लेकिन झारखंड में इसकी नियमावली बनाने में लगभग तीन दशक लग गए। अब कांग्रेस गांव-गांव में जागरूकता अभियान चला रही है। उन्होंने सवाल किया कि इस अभियान में लोगों को पूरी जानकारी दी जा रही है या नहीं। बालू घाटों और प्राकृतिक संसाधनों पर ग्रामसभा के वास्तविक अधिकारों को लेकर भी सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस नेता रामेश्वर उरांव ने भी पेसा कानून को लेकर सवाल उठाए हैं। सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने आदिवासियों के धार्मिक रीति-रिवाज, परंपराओं और सांस्कृतिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए नियमावली में ठोस प्रावधानों की जानकारी देने की मांग की।

गीता बालमुचू ने कहा कि ग्रामसभा को वास्तविक अधिकार मिलने चाहिए, केवल निगरानी और जांच की जिम्मेदारी देना पर्याप्त नहीं है। कांग्रेस को राजनीतिक नारों के बजाय अपने कामकाज का हिसाब देना चाहिए।

Related Post