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नोवामुंडी के जंगलों में अवैध लौह अयस्क खनन का खुलासा, छापेमारी में ट्रैक्टर जब्त

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी वन क्षेत्र में अवैध लौह अयस्क खनन के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक ट्रैक्टर जब्त किया है। मंगलवार सुबह गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी के दौरान ट्रैक्टर पर अवैध रूप से निकाला गया लौह पत्थर लोड किया जा रहा था। हालांकि, वन विभाग की टीम को देखते ही चालक और अवैध खनन में शामिल अन्य लोग मौके से फरार हो गए। विभाग ने जब्त ट्रैक्टर को नोवामुंडी वन कार्यालय में रखा है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, नोवामुंडी वन क्षेत्र के दूधबिला पंचायत अंतर्गत कोलाई साईं रुंगटा बुरु के जंगलों में लंबे समय से अवैध रूप से लौह पत्थर का उत्खनन किए जाने की सूचना मिल रही थी। इसके बाद नोवामुंडी, चाईबासा और हाटगम्हरिया वन विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार सुबह संबंधित इलाके में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान टीम को जंगल के भीतर अवैध खनन के निशान मिले। मौके पर बड़ी मात्रा में खनन कर निकाला गया लौह पत्थर भी जमा मिला।

वन विभाग को आशंका है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन का कारोबार संचालित किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जंगल में अवैध खुदाई के पीछे किन लोगों की भूमिका है और निकाले गए लौह अयस्क को कहां ले जाकर खपाने की तैयारी थी। साथ ही, वन भूमि के कितने हिस्से में खुदाई की गई है, इसकी भी जांच की जाएगी।

जंगल के भीतर अवैध खनन से पर्यावरण और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचने की आशंका है। ट्रैक्टरों के जरिए खनिज संपदा की ढुलाई वन क्षेत्र की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।

वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच पूरी होने के बाद अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वन संपदा की सुरक्षा के लिए निगरानी और गश्ती बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

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