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सट्टा और ड्रग्स के खिलाफ सामाजिक जागरूकता जरूरी : सरयू राय ड्रग्स-सट्टेबाजी पर रोक के लिए परिवार, समाज और प्रशासन को मिलकर करना होगा काम

जमशेदपुर। गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को साकची स्थित धालभूम क्लब में जदयू युवा मोर्चा की ओर से सट्टेबाजी और ड्रग्स के दुष्प्रभाव पर विचार क्रांति सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में सट्टेबाजी और नशे के बढ़ते प्रभाव को सामाजिक समस्या बताते हुए इसके खिलाफ परिवार से लेकर प्रशासन तक सामूहिक प्रयास की जरूरत पर जोर दिया गया। मुख्य अतिथि जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा कि ड्रग्स और सट्टेबाजी का कारोबार छिपा हुआ नहीं है। शहर में किन इलाकों में ऐसी गतिविधियां चल रही हैं, इसकी जानकारी विभिन्न स्तरों पर रहती है, बावजूद इसके प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी नहीं रह पाती।

सरयू राय ने कहा कि नगर पंचायत, नगरपालिका और नगर निगम केवल सेवा देने वाली संस्थाएं नहीं हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर सामाजिक समस्याओं की पहचान और उनके समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। यदि स्थानीय निकाय सक्रिय होकर प्रशासन के साथ समन्वय करें तो ड्रग्स और सट्टेबाजी जैसी गतिविधियों पर नियंत्रण में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले उन्होंने इस विषय पर सम्मेलन की घोषणा की थी, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए कई लोगों को पकड़ा गया, लेकिन बाद में कार्रवाई रुक गई। उन्होंने कहा कि जहां भी ऐसे कारोबार के नेटवर्क की जानकारी मिले, वहां जांच और कार्रवाई को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाना चाहिए।

विधायक ने कहा कि इस समस्या का समाधान केवल पुलिस-प्रशासन के भरोसे नहीं हो सकता। परिवारों को भी अपने स्तर पर सजग होना पड़ेगा। घर में माता-पिता के व्यवहार, बच्चों की संगत और उनकी गतिविधियों पर ध्यान देने के साथ गलत संगत से दूर रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक परिवार में जागरूकता के साथ पड़ोस और मोहल्ले में भी सामाजिक दबाव बनना चाहिए।

सरयू राय ने कहा कि सट्टेबाजी और ड्रग्स के कारोबार में आम लोग ही ग्राहक बनते हैं, इसलिए इसके खिलाफ सूचना तंत्र को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने लोगों से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जरूरत बताई।

सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक संजय रंजन सिंह ने युवाओं से सकारात्मक लक्ष्य के प्रति जुनून पैदा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा करना है तो देश और समाज की सेवा का नशा होना चाहिए। भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने युवाओं में आत्मिक शक्ति बढ़ाने पर जोर दिया।

सम्मेलन के संयोजक मनोज सिंह ने कहा कि नशे की लत शरीर और परिवार को नुकसान पहुंचाती है, जबकि सट्टेबाजी व्यक्ति की मेहनत और विवेक को प्रभावित करती है। उन्होंने ड्रग्स और सट्टेबाजी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की मांग की।

जदयू नेता धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि कुरीतियों पर नियंत्रण की शुरुआत अपने घर से करनी होगी। पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाने की जरूरत बताई। अधिवक्ता अनिल तिवारी ने कहा कि अदालतों के आदेशों का प्रभावी क्रियान्वयन भी उतना ही जरूरी है। युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा कि ड्रग्स की लत एक व्यक्ति ही नहीं, पूरे परिवार को प्रभावित करती है और ऑनलाइन सट्टेबाजी ने समस्या को और व्यापक बनाया है।

कार्यक्रम में मंच संचालन विवेक पांडेय और धन्यवाद ज्ञापन जदयू महानगर अध्यक्ष अजय कुमार ने किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में जदयू कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। आगंतुकों का मुख्य द्वार पर पीला चंदन लगाकर स्वागत किया गया।

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