जमशेदपुर। जोनल प्रशिक्षण संस्थान (जेडआरटीआई), सिनी में मंगलवार को रेलकर्मियों के लिए एक दिवसीय आपदा प्रबंधन एवं प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में ईस्ट कोस्ट रेलवे, दक्षिण पूर्व रेलवे और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के विभिन्न मंडलों से कुल 340 रेलकर्मियों ने भाग लिया। प्रशिक्षणार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण कार्यक्रम को दो सत्रों में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित रेल सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बतौर अतिथि व्याख्याता रेलकर्मियों को आपदा की स्थिति में प्राथमिक उपचार और बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान लोगों की जान बचाना प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे समय में प्राथमिक उपचारकर्ता का शांत, संयमित और संवेदनशील व्यवहार बेहद महत्वपूर्ण होता है। घायल अथवा प्रभावित व्यक्ति की गरिमा और सम्मान बनाए रखने के साथ प्राथमिक उपचारकर्ता को अपनी कार्य-सीमा की भी स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए।
संतोष कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि प्राथमिक चिकित्सा का मुख्य उद्देश्य घायल या बीमार व्यक्ति की जान बचाना, उसकी स्थिति को और गंभीर होने से रोकना तथा संक्रमण एवं अन्य जटिलताओं की आशंका को कम करना है। प्रशिक्षण के दौरान जलने, फ्रैक्चर, आंख में चोट, शॉक, गला घुटने, बेहोशी और सीपीआर जैसे आपातकालीन मामलों में प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई। मॉक ड्रिल के माध्यम से विभिन्न परिस्थितियों में बचाव एवं प्राथमिक उपचार की व्यावहारिक जानकारी भी दी गई।
प्रशिक्षण में गोल्डन आवर के दौरान त्वरित कार्रवाई, एंबुलेंस संचालन, ट्रायेज, सीपीआर, सर्पदंश और डॉग बाइट में प्राथमिक उपचार, अग्निशमन तथा विभिन्न रेस्क्यू तकनीकों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। वास्तविक आपदा जैसी परिस्थितियों में स्थिति का सही आकलन करने, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने, तत्काल निर्णय लेने और टीम के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के तरीके भी समझाए गए।
कार्यक्रम में संबलपुर, खुर्दा, भुवनेश्वर, नागपुर, रायगढ़, रांची, चक्रधरपुर, आद्रा और खड़गपुर समेत विभिन्न मंडलों के रेलकर्मी शामिल हुए। प्रशिक्षणार्थियों में रिफ्रेशर स्टेशन मैनेजर, रिफ्रेशर ट्रेन मैनेजर, प्रोबेशनरी स्टेशन मैनेजर, प्रोबेशनरी पैसेंजर ट्रेन मैनेजर और टावर वैगन चालक दल के सदस्य शामिल थे। प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के लिए पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन तथा डिजिटल माध्यमों का भी इस्तेमाल किया गया।
समापन समारोह में संस्थान के मुख्य अनुदेशक ने अधिकारियों, प्रशिक्षकों और प्रशिक्षण में शामिल सभी रेलकर्मियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने आपदा के समय प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और तकनीकों का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने का आह्वान किया। इसके बाद स्टेशन मैनेजर और ट्रेन मैनेजर के साथ फोटो सेशन आयोजित किया गया। इस दौरान रेलकर्मियों ने संतोष कुमार के प्रशिक्षण के उच्च स्तर और उनकी व्यावहारिक प्रशिक्षण शैली की सराहना की।

