चाईबासा : भाजपा की ओर से कांग्रेस के निर्वाचन आयोग संबंधी प्रदर्शन पर दिए गए बयान पर कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने मंगलवार को प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की पारदर्शिता और पात्र नागरिकों के मताधिकार का सवाल किसी चुनावी हार-जीत से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की बुनियाद से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। इसे चुनावी परिणाम से जोड़ना भाजपा की हताशा को दर्शाता है।
त्रिशानु राय ने कहा कि कांग्रेस निर्वाचन आयोग की संवैधानिक भूमिका का सम्मान करती है। साथ ही, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही की मांग करना भी लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सूची और पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है तो उठाए जा रहे सवालों का जवाब आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों और दस्तावेजों के साथ दिया जाना चाहिए।
कांग्रेस जिला प्रवक्ता ने कहा कि मतदाता सूची में किसी एक भी पात्र नागरिक का नाम छूटना लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इसलिए कांग्रेस की मांग है कि मतदाता सूची की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दावे एवं आपत्तियों की उचित तरीके से सुनवाई की जाए। प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, सुधार करने या आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया को लेकर लोगों को स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। किसी भी पात्र मतदाता को प्रक्रिया की जानकारी या दस्तावेजों के अभाव में अपने अधिकार से वंचित नहीं होना चाहिए।
त्रिशानु राय ने कहा कि कांग्रेस निर्वाचन प्रक्रिया में जनता के विश्वास को मजबूत करने के लिए लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठा रही है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े सवालों को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इन सवालों का जवाब पारदर्शिता, तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य किसी चुनावी परिणाम को प्रभावित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में सभी पात्र नागरिकों के नाम रहें और उन्हें अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिले।

