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*संशोधित SOR लागू किए बिना पुरानी दरों पर ई-निविदा का आरोप, उपायुक्त से शिकायत*

चाईबासा: ग्रामीण संवेदक संघ, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा ने जिले के तीन तकनीकी प्रमंडलों पर संशोधित अनुसूचित दर (Revised SOR) लागू किए बिना पुरानी दरों के आधार पर ई-निविदा जारी करने का आरोप लगाया है। संघ के अध्यक्ष सुनील सिरका ने सोमवार को इस संबंध में पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त को मांग पत्र सौंपकर संबंधित निविदाओं की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने तथा उन्हें रद्द या स्थगित करने की मांग की।

संघ के अनुसार झारखंड सरकार ने 31 अगस्त 2026 से पूरे राज्य में संशोधित अनुसूचित दर (Revised SOR) लागू करने का निर्णय लिया है। इसके बावजूद चाईबासा के तीन तकनीकी विभागों में वित्तीय वर्ष 2026-27 के DMFT मद सहित अन्य मदों से संबंधित योजनाओं के प्राक्कलन संशोधित दर के आधार पर तैयार नहीं किए गए। संघ का आरोप है कि पुरानी दरों के आधार पर ही इन योजनाओं की ई-निविदाएं समाचार पत्रों में प्रकाशित कर दी गईं।

ग्रामीण संवेदक संघ ने जिन निविदाओं पर आपत्ति जताई है, उनमें एनआरईपी (NREP), चाईबासा की ई-निविदा सूचना संख्या EE/NREP/CHAIBASA/03/2026-27 (DMFT मद), लघु सिंचाई प्रमंडल, चाईबासा की ई-निविदा आमंत्रण सूचना संख्या WRD/MID/CBSA/DMFT/F2-12/2026-27 तथा ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, चाईबासा की ई-निविदा सूचना संख्या RDD/SD/CHAIBASA/06/2026-27 और RDD/SD/CHAIBASA/07/2026-27 शामिल हैं।

संघ के अध्यक्ष सुनील सिरका ने कहा कि वर्तमान समय में निर्माण सामग्री और अन्य लागत में वृद्धि हुई है। ऐसे में संशोधित सरकारी दर लागू किए बिना पुरानी दरों पर निविदा निकालने से स्थानीय संवेदकों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। उनका कहना है कि इसका असर विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय पर कार्य पूरा होने पर भी पड़ सकता है।

संघ ने बताया कि इससे पहले 15 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार और चाईबासा उपायुक्त को भी लिखित ज्ञापन सौंपा गया था। इसमें DMFT फंड से होने वाले कार्यों के प्राक्कलन को संशोधित SOR के अनुरूप दोबारा तैयार कराने की मांग की गई थी।

संघ ने मांग की है कि DMFT मद की संबंधित ई-निविदाओं की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाकर उन्हें रद्द या स्थगित किया जाए। साथ ही NREP चाईबासा, लघु सिंचाई प्रमंडल चाईबासा और ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल चाईबासा के संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को संशोधित SOR के आधार पर प्राक्कलन तैयार करने के बाद ही नई निविदाएं आमंत्रित करने का निर्देश दिया जाए। मांग पत्र की प्रतिलिपि संबंधित तीनों विभागों के कार्यपालक अभियंताओं को भी भेजी गई है।

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