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Wed. Sep 9th, 2026

*बालू-गिट्टी की रॉयल्टी भुगतान व्यवस्था सुचारु करने की मांग*

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में बालू एवं गिट्टी के माइनिंग टेंडर नहीं होने के कारण संवेदकों को रॉयल्टी भुगतान में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न विभागों के निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद बालू एवं गिट्टी की रॉयल्टी नहीं कटने के कारण संवेदकों के बिल भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

मामले को लेकर ग्रामीण संवेदक संघ, पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा के अध्यक्ष सुनिल सिरका के नेतृत्व में उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री झारखंड सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में जिले में बालू एवं गिट्टी की रॉयल्टी भुगतान से संबंधित व्यवस्था को स्पष्ट और सुचारु करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि जिले में बालू एवं गिट्टी के माइनिंग टेंडर नहीं होने के कारण संवेदकों को रॉयल्टी भुगतान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न विभागों द्वारा संवेदकों के साथ टेंडर एवं एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी करने के बाद निर्माण कार्य करने का निर्देश दिया जाता है। लेकिन बालू एवं गिट्टी की रॉयल्टी से संबंधित व्यवस्था स्पष्ट नहीं होने के कारण कार्यस्थल पर निर्माण सामग्री की व्यवस्था करने से लेकर कार्य पूरा होने के बाद बिल भुगतान तक की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

संघ ने कहा कि रॉयल्टी से जुड़ी समस्या के कारण संवेदकों को समय पर निर्माण कार्य पूरा करने में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसका असर विभागीय योजनाओं के कार्यान्वयन के साथ-साथ संवेदकों के लंबित बिलों के भुगतान पर भी पड़ रहा है।

ग्रामीण संवेदक संघ ने मांग की है कि जिले में पूर्व की तरह बालू एवं गिट्टी की रॉयल्टी का भुगतान एवं जमा करने की व्यवस्था को सुचारु रूप से लागू किया जाए। इसके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान सुनिल सिरका, मो राज, अविनाश कु. सिरका, अरुण कुमार पोद्दार, शेख राजा, प्रकाश पिगुंवा, संदीप सिंकु आदि मौजूद थे।

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