Breaking
Wed. Sep 9th, 2026

*इंजीनियरिंग कॉलेज चाईबासा में प्रथम प्रवेश समारोह आयोजित*

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत इंजीनियरिंग कॉलेज चाईबासा में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में नव नामांकित विद्यार्थियों के स्वागत एवं परिचय के लिए ‘प्रथम प्रवेश’ समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में उपायुक्त मनीष कुमार और उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार शामिल हुए। महाविद्यालय परिवार की ओर से दोनों अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद महाविद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।

नव नामांकित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि इंजीनियरिंग शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र की समस्याओं का वैज्ञानिक एवं तकनीकी समाधान खोजने की जिम्मेदारी भी है। विद्यार्थियों को कॉलेज जीवन को केवल परीक्षा और अंक तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि नवाचार, अनुसंधान, तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक ज्ञान पर भी ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है, इसलिए विद्यार्थियों को समय के साथ अपने कौशल को विकसित करते रहना होगा। अनुशासन, समय प्रबंधन, निरंतर सीखने की आदत, मेहनत, धैर्य और सकारात्मक सोच सफलता के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी तकनीकी क्षमता का उपयोग समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने में करने का आह्वान किया।

उपायुक्त ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में असफलताएं भी सीखने का अवसर होती हैं। किसी चुनौती से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। विद्यार्थियों को अपने सपनों को स्पष्ट लक्ष्य में बदलकर नियमित प्रयास के साथ उसे हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

वहीं उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने नव नामांकित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश उनके जीवन के नए और महत्वपूर्ण अध्याय की शुरुआत है। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान के साथ समस्या समाधान की क्षमता, टीमवर्क, संवाद कौशल और नवाचार की सोच भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कक्षा की पढ़ाई के साथ प्रोजेक्ट, प्रयोग, नवाचार गतिविधियों और तकनीकी कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम तक सीमित रहने के बजाय नए कौशल सीखने और अपने ज्ञान को लगातार अपडेट करने की जरूरत है।

उप विकास आयुक्त ने कहा कि सफलता की यात्रा में आत्मविश्वास और निरंतरता की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित कर पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। कॉलेज जीवन में मिलने वाले अवसरों का सकारात्मक उपयोग कर विद्यार्थी अपने व्यक्तित्व और भविष्य को मजबूत आधार दे सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान नव प्रवेशित विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से परिचित कराया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को उत्साहपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

समारोह में इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य, टाटा स्टील फाउंडेशन के प्रतिनिधि, महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, नव नामांकित विद्यार्थी एवं अन्य उपस्थित रहे। इस दौरान नव प्रवेशित विद्यार्थियों के उज्ज्वल शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य की कामना की गई।

Related Post