चाईबासा: एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत अप्रैल से जून 2026 की अवधि में प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (KPI) के आधार पर पश्चिमी सिंहभूम जिले ने झारखंड में प्रथम स्थान हासिल किया है। स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण जिले को यह उपलब्धि मिली है।
केपीआई डैशबोर्ड के अनुसार, जिले में 6 से 59 माह आयु वर्ग के बच्चों के कवरेज में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं 10 से 19 वर्ष आयु वर्ग के किशोर-किशोरियों के कवरेज में भी सुधार हुआ है। गर्भवती महिलाओं का कवरेज शत-प्रतिशत बना हुआ है, जबकि धात्री माताओं के कवरेज में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
एनीमिया नियंत्रण और पोषण सेवाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने में स्वास्थ्य विभाग, संबंधित विभागों, क्षेत्रीय स्वास्थ्यकर्मियों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण रही। जिला प्रशासन की ओर से लक्षित लाभुकों तक स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
जिले की यह उपलब्धि एनीमिया मुक्त भारत अभियान के सफल क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जिला प्रशासन का लक्ष्य स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाओं को और प्रभावी बनाकर प्रत्येक लक्षित लाभुक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि एनीमिया मुक्त भारत अभियान में पश्चिमी सिंहभूम का राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करना सभी संबंधित विभागों और स्वास्थ्यकर्मियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। यह उपलब्धि जिले में स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाती है।

