जमशेदपुर। पूर्व सांसद एवं झारखंड आंदोलनकारी शैलेंद्र महतो ने विधायक जयराम महतो और झारखंड पुलिस एसोसिएशन के बीच चल रहे विवाद को लेकर मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर सवाल उठाया है। गुरुवार को सोनारी स्थित अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार और विधानसभा अध्यक्ष का मूकदर्शक बने रहना झारखंड के हित में नहीं है।
शैलेंद्र महतो ने कहा कि मामला केवल एक विधायक और पुलिस संगठन के बीच का विवाद नहीं है, बल्कि यह विधायिका और कार्यपालिका के अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते मामले का समाधान नहीं किया गया तो इसका असर राज्य की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि पुलिस एसोसिएशन की ओर से विधायक जयराम महतो के खिलाफ बरवाअड्डा थाना में कथित रूप से घुसकर सरकारी काम में बाधा डालने, गाली-गलौज करने सहित अन्य आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों को लेकर पुलिस एसोसिएशन ने राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। संगठन की ओर से 8 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आंदोलन की रूपरेखा तय किए जाने की बात कही गई है।
शैलेंद्र महतो ने कहा कि किसी निर्वाचित विधायक और पुलिस संगठन के बीच उत्पन्न विवाद का समाधान बातचीत और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि यदि पुलिस संगठन की ओर से आंदोलन किया जाता है तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
उन्होंने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से मामले में हस्तक्षेप कर विवाद का समाधान निकालने की मांग की। शैलेंद्र महतो ने कहा कि सरकार को इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेना चाहिए, ताकि विधायिका और कार्यपालिका के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न न हो और राज्य में संवैधानिक व्यवस्था मजबूत बनी रहे।

