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Wed. Sep 23rd, 2026

मालती मुर्मू की निशानदेही पर जमीरा पहाड़ से एके-47 और इंसास समेत 210 गोलियां बरामद

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया थाना क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पश्चिम बंगाल के मिदनापुर क्षेत्र से पकड़ी गई दो लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली मालती मुर्मू की निशानदेही पर चाकुलिया की बर्डीकानपुर-कालापाथर पंचायत के जोभी गांव के समीप जमीरा पहाड़ से एक एके-47, एक इंसास राइफल, 210 गोलियां और कई मैगजीन बरामद की गई हैं। बरामद हथियारों को लेकर पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम ने इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

जानकारी के अनुसार, कोलकाता एसटीएफ के साथ झारखंड और छत्तीसगढ़ पुलिस तथा कोबरा जवानों की संयुक्त टीम मालती मुर्मू को लेकर जोभी गांव पहुंची थी। इसके बाद टीम पैदल जमीरा पहाड़ की ओर गई। पहाड़ी और जंगल क्षेत्र में मालती से मिली जानकारी के आधार पर हथियारों की तलाश शुरू की गई। तलाशी के दौरान एके-47 और इंसास राइफल के अलावा बड़ी संख्या में कारतूस तथा मैगजीन बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार एके-47 के साथ 125 और इंसास राइफल के साथ 85 गोलियां मिली हैं।

मालती मुर्मू माओवादी एरिया कमेटी की सदस्य रह चुकी है और झारखंड पुलिस ने उस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। बताया जाता है कि उसका पति मंगल महतो उर्फ समीर भी लंबे समय तक नक्सली संगठन में सक्रिय रहा है। पुलिस के अनुसार मंगल एके-47 और मालती इंसास राइफल लेकर संगठन में सक्रिय रहती थी। दोनों के पूर्व में प्रतिबंधित नक्सली संगठन के शीर्ष नेताओं से जुड़े रहने की भी जानकारी सामने आई है।

बताया गया है कि दोनों पहले पोलित ब्यूरो सदस्य और लालगढ़ आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी के बॉडीगार्ड थे। वर्ष 2011 में किशनजी के मारे जाने के बाद दोनों बंगाल स्टेट कमेटी के सचिव असीम मंडल के सुरक्षा दस्ते में शामिल हो गए थे। बाद में असीम मंडल के जंगल से बाहर निकलने के बाद मंगल और मालती ने जमीरा पहाड़ क्षेत्र में हथियार छिपा दिए और संगठन से अलग हो गए थे।

इसके बाद दोनों पश्चिम बंगाल में एक रिश्तेदार के यहां छिपकर रहने लगे थे। संगठन में रहते हुए दोनों ने कॉमरेड मैरिज की थी। असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ की पूछताछ में मंगल और मालती के ठिकानों से संबंधित जानकारी मिलने की बात सामने आई है। इसके आधार पर पुलिस ने दोनों की तलाश तेज की थी। हालांकि, दोनों के आत्मसमर्पण करने की चर्चा भी है, लेकिन इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी आधिकारिक रूप से स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। हथियारों की बरामदगी को सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

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