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Thu. Aug 13th, 2026

मूसलाधार बारिश से सारंडा में बिगड़े हालात, बोकना पुल डूबा, कई इलाकों में घरों में घुसा पानी

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा क्षेत्र में बुधवार देर रात से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। गुवा, बड़ाजामदा, नोवामुंडी, किरीबुरू और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। निचले इलाकों में पानी भरने के साथ ही सड़क और पुलों पर भी बारिश का असर दिखाई देने लगा है।

गुवा में पंचमुखी हनुमान मंदिर के समीप स्थित बोकना पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है। जलस्तर बढ़ने के कारण पुल से होकर गुवा-बड़ाजामदा मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया है। बोकना पुल डूबने के बाद लोगों को हाथी चौक होकर जाने वाले वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। बोकना पुल वाला रास्ता अपेक्षाकृत छोटा होने के कारण सामान्य दिनों में लोग इसी मार्ग से बड़ाजामदा जाते हैं, लेकिन पुल पर पानी चढ़ जाने से करीब तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

उधर, बड़ाजामदा और नोवामुंडी के बीच मुख्य सड़क के भट्टीसाई इलाके में भी भारी मात्रा में पानी जमा हो गया है। सड़क पर जलजमाव के कारण छोटे वाहनों और दोपहिया चालकों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर बारिश का पानी सड़क के किनारे और निचले हिस्सों में जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ है।

बड़ाजामदा के कई निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो गई है। बारिश का पानी कई घरों में प्रवेश कर गया, जिसके कारण लोगों को घरेलू सामान सुरक्षित स्थानों पर रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। जलभराव से परेशान कुछ परिवार सुरक्षा के मद्देनजर ऊंचे स्थानों की ओर चले गए हैं। लगातार बारिश जारी रहने से लोगों को आशंका है कि पानी का स्तर और बढ़ सकता है।

बारिश का असर क्षेत्र की नदियों और नालों पर भी पड़ा है। कारो नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और नदी के उफान पर आने से आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर लोगों को नदी, नालों तथा जलमग्न पुलों के पास नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। लोगों से नदी में मछली पकड़ने और नहाने से भी पूरी तरह बचने की अपील की गई है।

लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने तथा बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी किए जाने की भी जानकारी है। जलभराव वाले इलाकों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सारंडा क्षेत्र के कई इलाकों में जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के दौरान हर वर्ष जलजमाव की समस्या उत्पन्न होती है। लोगों ने नालियों और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ जलभराव से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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