जमशेदपुर: झारखंड राज्य गृह रक्षा वाहिनी लोक सेवक संघ ने गृह रक्षकों को कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) और सेवानिवृत्ति के बाद एकमुश्त आर्थिक सहायता का लाभ देने की मांग को लेकर अपना अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में गुरुवार को जमशेदपुर में संघ के प्रदेश प्रवक्ता कमल कुमार शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पोटका विधायक संजीव सरदार तथा झामुमो के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक कुणाल सारंगी से मुलाकात कर मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा और विधानसभा के आगामी सत्र में इस मुद्दे को उठाने का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल ने जनप्रतिनिधियों को बताया कि झारखंड के गृह रक्षक वर्षों से कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और विभिन्न सरकारी दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक कर्मचारी भविष्य निधि जैसी सामाजिक सुरक्षा और सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक संरक्षण की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। संघ ने मांग की कि बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी गृह रक्षकों के लिए ईपीएफ और सेवानिवृत्ति के बाद एकमुश्त राशि की व्यवस्था लागू की जाए।
प्रदेश प्रवक्ता कमल कुमार शर्मा ने बताया कि इस विषय को पहले भी विधानसभा के शून्यकाल में उठाया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया है। इसलिए इस बार राज्यभर के विधायकों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा जा रहा है, ताकि आगामी विधानसभा सत्र में इस मांग पर गंभीर चर्चा हो सके और सरकार आवश्यक निर्णय ले।
उन्होंने बताया कि जमशेदपुर के अलावा रांची में प्रदेश कोषाध्यक्ष हरे राम सिंह के नेतृत्व में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और विधायक सीपी सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। वहीं पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो और सिमडेगा समेत अन्य जिलों में भी संघ के पदाधिकारियों ने स्थानीय विधायकों से मुलाकात कर गृह रक्षकों की मांगों से अवगत कराया।
संघ के अनुसार सभी जनप्रतिनिधियों ने गृह रक्षकों की मांगों को न्यायसंगत बताते हुए आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने तथा सकारात्मक पहल करने का भरोसा दिया है। संघ ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार गृह रक्षकों के सामाजिक और आर्थिक भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में शीघ्र ठोस निर्णय लेगी।

