रांची। जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच तथा 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक (पीटी) परीक्षा रद्द करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 12 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे छात्रों को बुधवार को हमर अधिकार मंच का समर्थन मिला। मंच के नेतृत्व में रांची सिटीजन फोरम, श्रीकृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट और अखिल भारतीय संत समिति के प्रतिनिधियों ने अनशन स्थल पहुंचकर छात्रों से मुलाकात की और उनके आंदोलन के प्रति नैतिक समर्थन जताया।
हमर अधिकार मंच से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा कि यह आंदोलन झारखंड के युवाओं का शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक संघर्ष है। छात्र अपनी मांगों को लेकर अनुशासित ढंग से सत्याग्रह कर रहे हैं और उनकी बातों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि परीक्षाओं की पारदर्शिता पर बार-बार उठ रहे सवालों को देखते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय स्वतंत्र न्यायिक जांच अथवा सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सभी तथ्यों का निष्पक्ष खुलासा हो सके।
हमर अधिकार मंच के प्रतिनिधियों ने कहा कि झारखंड के युवाओं का भविष्य निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर निर्भर करता है। ऐसे में सरकार को आंदोलनरत छात्रों से तत्काल संवाद स्थापित कर उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए, जिससे आमरण अनशन का सम्मानजनक समाधान निकल सके।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व दीपेश निराला ने किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा एजेंसियों से जुड़े कई मामले पहले भी न्यायालय तक पहुंच चुके हैं। यदि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रही है तो बार-बार विवाद और न्यायिक हस्तक्षेप की स्थिति क्यों बन रही है, इसकी भी स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
अनशन स्थल पर पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में दीपेश निराला, उमाशंकर सिंह, रेणुका तिवारी, स्वामी दिव्यानंद, दीनबंधु कुमार, सुजीत कुमार पांडेय, मनीष बक्शी, संजय सर्राफ, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, कुमार अभिषेक दुबे, आशीष कुमार जायसवाल, शेखर कुमार, वंदना झा और डॉ. पार्थ तिवारी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

