चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और व्यवसाय शुरू कराने का झांसा देकर उनके बैंक खातों से लाखों रुपये की निकासी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप कुमारडुंगी प्रखंड के बड़ा रायेकमन तथा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के परमपंचो और नरसंडा गांव की महिलाओं से जुड़ा है।
मामले को लेकर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के जिला सचिव साधुचरण सिंह कुंटिया ने सोमवार को उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। आवेदन में बड़ा रायेकमन, अंधारी निवासी रीता हेम्ब्रम और राजेंद्र कुमार हेम्ब्रम को मुख्य आरोपी बनाया गया है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने महिलाओं को व्यवसाय शुरू कराने और आत्मनिर्भर बनाने का भरोसा दिया। इसके बाद बैंक कर्मियों की मिलीभगत से उनके बैंक खातों से राशि की निकासी कर ली गई। आरोप है कि निकासी के बदले पीड़ित महिलाओं को केवल 500-500 रुपये दिए गए। कई महिलाओं को उनकी बैंक पासबुक भी नहीं दी गई।
शिकायत के अनुसार, कुल 14 खाताधारकों के नाम पर अलग-अलग खातों से 12 लाख 57 हजार रुपये की निकासी की गई है। इसमें निकिता हेम्ब्रम के नाम पर 2.35 लाख, सुनीका हेम्ब्रम के नाम पर 1.90 लाख, सूर्यमुनी महाराणा के नाम पर 1.50 लाख और कुनी हेम्ब्रम के नाम पर 1.20 लाख रुपये की निकासी शामिल है।
आरोप है कि अलग-अलग बैंकों और वित्तीय संस्थानों से राशि निकाले जाने के बाद अब संबंधित संस्थानों की ओर से महिलाओं पर लोन की वसूली के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इससे पीड़ित परिवारों में चिंता का माहौल है।
मानवाधिकार संगठन ने प्रशासन और पुलिस से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पीड़ित महिलाओं की राशि वापस दिलाने की मांग की है।

