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विधिक सशक्तिकरण शिविर में 105 लाभुकों के बीच ₹105.94 करोड़ की परिसंपत्तियों का वितरण

चाईबासा: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के मार्गदर्शन में कोल्हान विश्वविद्यालय परिसर स्थित सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में वृहद विधिक सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार मौहम्मद शाकिर, उपायुक्त-सह-उपाध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार मनीष कुमार तथा पुलिस अधीक्षक-सह-सदस्य, जिला विधिक सेवा प्राधिकार अमित रेनू मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सूर्य भूषण ओझा, उत्कर्ष कुमार, संतोष आनंद प्रसाद, रवि चौधरी, अगस्टिन कुल्लू और प्रशिक्षु आईएएस ईरा जोरवाल सहित कई न्यायिक एवं प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।

शिविर के दौरान 13 विभागों की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 105 लाभुकों के बीच कुल ₹105 करोड़ 94 लाख 68 हजार 300 की परिसंपत्तियों एवं अन्य लाभों का वितरण किया गया। साथ ही विद्यालयों में संचालित लीगल लिटरेसी क्लब के अंतर्गत चित्रांकन प्रतियोगिता के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पारा विधिक स्वयंसेवकों को भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा जिले के नवनियुक्त मुंडा-मानकी को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मौहम्मद शाकिर ने कहा कि इस शिविर का उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं का लाभ देना नहीं, बल्कि लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और निःशुल्क विधिक सेवाओं के प्रति जागरूक करना भी है। उन्होंने बताया कि डीएलएसए के माध्यम से पात्र लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने लोगों से किसी भी कानूनी समस्या, महिला एवं बाल अधिकार, डायन-बिसाही, अपराध पीड़ित प्रतिकर सहित अन्य मामलों में डीएलएसए, विधिक सेवा क्लिनिक तथा हेल्पलाइन 15100 का उपयोग करने की अपील की।

उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन, न्यायपालिका और डीएलएसए के समन्वित प्रयासों से जिले में न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 100 दिनों में विक्टिम कम्पेनसेशन, एससी-एसटी मामलों और हिट एंड रन मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। उन्होंने सड़क सुरक्षा, रक्तदान, टीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य सेवाओं और जनभागीदारी बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। साथ ही लोगों से नशामुक्ति, बाल विवाह, बाल तस्करी, मलेरिया, सर्पदंश और वज्रपात जैसी घटनाओं के प्रति सतर्क रहने की अपील की।

पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में लोग बिना संकोच पुलिस से संपर्क करें तथा तत्काल सहायता के लिए डायल 112 का उपयोग करें। उन्होंने साइबर अपराधों की सूचना समय पर देने, डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी लोगों से सहयोग की अपील की।

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉल का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग के रक्तदान शिविर का अवलोकन करते हुए स्वैच्छिक रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए तथा रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए संकल्प हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया।

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