चाईबासा: बरकंदाज टोली (ग्वाला पट्टी) स्थित यंग स्टार क्लब घसिया चौक हनुमान मंदिर परिसर में शुक्रवार को स्वर्गीय घसिया यादव की 33वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न समुदायों के लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सामाजिक कार्यों को याद किया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय घसिया यादव के पुत्र सिकंदर यादव के नेतृत्व में दो मिनट का मौन रखकर की गई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने उनकी मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। परिवार के सदस्यों एवं समाज के लोगों ने उनके व्यक्तित्व, समाज सेवा और धार्मिक कार्यों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर परिवार की ओर से पुत्र सिकंदर यादव, भाई मदन यादव एवं मोहन यादव, पोता प्रभास यादव, पोती प्रियांशी यादव सहित अन्य परिजनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं भतीजा अंकित यादव, अनुराग यादव तथा भगना मनीष यादव ने भी पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
मौके पर मदन यादव, अंकित यादव, स्थानीय पंडित पंकज यादव, मोहम्मद शबीर अहमद, लालू कुजूर तथा राजू यादव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय घसिया यादव मिलनसार, विनम्र और समाज के प्रति समर्पित व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 1993 में आज ही के दिन उनका आकस्मिक निधन हो गया था। अपने जीवनकाल में वे धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में हमेशा सक्रिय रहे तथा कई मंदिरों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बरकंदाज टोली स्थित हनुमान मंदिर के विकास में भी उनका विशेष योगदान रहा।
वक्ताओं ने बताया कि वर्ष 1991 में स्वर्गीय घसिया यादव 36 अखाड़ा सेंट्रल कमेटी महाबीर मंडल, चाईबासा के अध्यक्ष बने थे। बाद में संरक्षक के रूप में भी उन्होंने समाज के बीच सक्रिय भूमिका निभाई। वे सभी धर्मों और जातियों के लोगों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते थे और सामाजिक सौहार्द को हमेशा प्राथमिकता देते थे।
परिवार के लोगों ने बताया कि उनके चार पुत्र सिकंदर यादव, हरेंद्र यादव, किशन यादव और टिंकू यादव आज भी अपने पिता के आदर्शों पर चलते हुए समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय हैं और उनकी सामाजिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
भतीजा अंकित यादव ने कहा कि उनके बड़े पिता का चयन पुलिस दरोगा के पद पर हुआ था, लेकिन समाज सेवा के कार्यों में पूर्ण रूप से जुड़ने की इच्छा के कारण उन्होंने नौकरी से त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा जीवन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के बीच एकता एवं भाईचारा मजबूत करने में लगा दिया।
कार्यक्रम में श्रद्धांजलि देने वालों में राजू यादव, प्रदीप ठाकुर, जय गिरी गोस्वामी, मुन्नी शर्मा, पंकज यादव, दीपक यादव, राजकुमार यादव, प्रतीक सिंह, बिहारी यादव, अमित यादव, भोलू महतो, राजा दीक्षित, मनीष ठाकुर, लाली महतो, रोशन भगत, लालू यादव, हेमंत बेहरा, बंसी यादव, मिथिलेश यादव, धीरज यादव, पिंटू यादव, सौरभ ठाकुर, बिट्टू यादव, सूरज साव, नीरज यादव, लालू कुजूर तथा मोहम्मद शबीर अहमद सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने स्वर्गीय घसिया यादव के जीवन से प्रेरणा लेने, समाज में आपसी भाईचारा बनाए रखने तथा सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन का वातावरण श्रद्धा, सम्मान और भावनात्मक स्मृतियों से ओत-प्रोत रहा।

