चाईबासा: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देश पर 90 दिवसीय विशेष विधिक जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को हाटगम्हरिया प्रखंड कार्यालय परिसर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर में अंचलाधिकारी ऋषिदेव कमल और एलएडीसी प्रमुख सुरेन्द्र प्रसाद मौजूद रहे।
शिविर को संबोधित करते हुए सुरेन्द्र प्रसाद ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाएं, बच्चे, असहाय व्यक्ति, आपदा पीड़ित तथा वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम वाले पात्र लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों को न्यायालय शुल्क और अधिवक्ता की सुविधा भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। साथ ही लोक अदालत और मध्यस्थता के माध्यम से आपसी सहमति वाले मामलों का समाधान कराया जाता है। उन्होंने लोगों से अपने सुलहनीय मामलों के निपटारे के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करने की अपील की।
इस अवसर पर अंचलाधिकारी ऋषिदेव कमल ने ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने पात्र लाभुकों से आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित कार्यालय में संपर्क कर योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान उपस्थित लोगों के बीच कानूनी अधिकारों और योजनाओं से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री का भी वितरण किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिकार मित्र सह पीएलवी प्रवास कुमार करजी और लक्ष्मी सिंकु ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

