चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के महिला कॉलेज चाईबासा की राष्ट्रीय सेवा योजना (बी.एड. इकाई) की ओर से वन महोत्सव के अवसर पर गोद लिए गए गांव दुम्बीसाई स्थित अर्जुन हॉल परिसर में वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 51 पौधों का रोपण किया गया, जबकि 50 पौधे वितरण के लिए उपलब्ध कराए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाना और लोगों को वृक्षारोपण के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अर्पित सुमन ने बताया कि महिला कॉलेज चाईबासा की ओर से प्रत्येक वर्ष वन महोत्सव के अवसर पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष अर्जुन हॉल परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं औद्योगिक महत्व के पौधे लगाए गए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प है।
इस अवसर पर काजू, आम, आंवला, कटहल, सहजन और कुसुम के फलदार पौधों के साथ-साथ साल, सागवान, शीशम और महोगनी जैसे बहुमूल्य एवं औद्योगिक महत्व के पौधों का भी रोपण किया गया।
मुख्य अतिथि जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. अमरजीत कुजूर ने कहा कि वृक्ष मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने, जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।
विशिष्ट अतिथि डॉ. राजू ओझा ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी की जीवनदायिनी संपदा हैं। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से अपने जीवनकाल में कम से कम पांच पौधे लगाने का आग्रह करते हुए कहा कि वृक्ष पर्यावरण को संतुलित रखने और ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में बी.एड. विभागाध्यक्ष मोबारक करीम ने सभी अतिथियों, ग्रामीणों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। वहीं दुम्बीसाई के मानकी दलपत देवगम ने पौधों की सुरक्षा का आश्वासन देते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में जिला युवा अधिकारी अभिषेक आनंद, धनंजय कुमार, पंकज, गिरीश देवगम, प्रभु सहाय देवगम, कानू लाल, चमरू देवगम, किरण देवगम, अर्जुन देवगम सहित राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

