चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 23 वर्षीय शिक्षिका वंदना महतो की जान चली गई। यह हादसा सोनुवा थाना क्षेत्र अंतर्गत गोइलकेरा-चक्रधरपुर मार्ग (एनएच-320डी) पर निश्चितपुर स्कूल के समीप हुआ, जहां तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। गंभीर रूप से घायल शिक्षिका को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के लिए चाईबासा ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, निश्चितपुर गांव निवासी वंदना महतो एसएस+2 हाई स्कूल, सोनुवा में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थीं। सोमवार सुबह वह विद्यालय जाने के लिए निकली थीं। इसी दौरान चक्रधरपुर की ओर से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल सोनुवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चाईबासा सदर अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
शिक्षिका की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने घटनास्थल के पास एनएच-320डी को जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रैक्टरों का संचालन लगातार बढ़ रहा है और कई बार नाबालिग तथा नशे की हालत में चालक वाहन चलाते हैं, लेकिन उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक शिक्षिका के परिजनों को पांच लाख रुपये का मुआवजा, सरकारी सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को नियमानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक जिला प्रशासन लिखित आश्वासन नहीं देगा, तब तक सड़क जाम जारी रहेगा।
घटना की जानकारी मिलने पर सोनुवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है, जबकि चालक की तलाश की जा रही है। वहीं, शव को पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया गया है।
इस दौरान झारखंड लोकतांत्रिक मोर्चा के नेताओं करण और अजय भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा देते हुए कहा कि वे उनकी मांगों के समर्थन में खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक जिला प्रशासन लिखित रूप से मुआवजा और अन्य सुविधाएं देने का आश्वासन नहीं देता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति को सामान्य करने तथा प्रदर्शनकारियों से वार्ता करने में जुटे हुए हैं।

