चाईबासा: भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय चाईबासा में भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में झारखंड भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद गीता कोड़ा शामिल हुईं। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गीता कोड़ा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का पूरा जीवन राष्ट्रहित, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और अखंड भारत के संकल्प के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा कि देश उनके बलिदान को हमेशा याद रखेगा। जम्मू-कश्मीर में एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान के विरोध में सबसे पहले आवाज उठाने वालों में डॉ. मुखर्जी प्रमुख थे। धारा 370 के विरोध में उनका संघर्ष देश की एकता और अखंडता के लिए था।
गीता कोड़ा ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्रीय एकता के लिए अपना बलिदान दिया। उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना कर राष्ट्रवादी राजनीति की मजबूत नींव रखी, जो आज भारतीय जनता पार्टी के रूप में देश की सेवा कर रही है।
उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन देशभक्ति, त्याग और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पण का उदाहरण है। कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने उनके विचारों और आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा में भाजपा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रंजन प्रसाद, महामंत्री भूषण पाट पिंगुवा, चंदन झा, उपाध्यक्ष चंद्र मोहन तिऊ, पवन शर्मा, सनी पासवान, राजश्री बानरा, अनंत सयनम, मंत्री रूपा सिंह दास, हेमंत केसरी, प्रताप कटियार महतो, सतीश पुरी, रवि शंकर विश्वकर्मा, जुली खत्री सहित कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

