जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक Saryu Roy सरयू राय ने स्वयं को पत्रकार बताने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ बिष्टुपुर थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए उस पर उनकी छवि धूमिल करने और आधारहीन आरोपों के माध्यम से चरित्र हनन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए उनके खिलाफ लगातार भ्रामक और तथ्यहीन सामग्री प्रसारित की जा रही है।
जारी बयान में सरयू राय ने कहा कि संबंधित व्यक्ति पहले परोक्ष रूप से उन पर निशाना साधता था, लेकिन हाल के दिनों में उसने सीधे तौर पर आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि काफी समय तक उन्होंने इन आरोपों को नजरअंदाज किया, लेकिन जब यह अभियान व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की सीमा तक पहुंच गया तो उन्होंने पुलिस की शरण ली।
शिकायत में राय ने आरोप लगाया है कि कथित पत्रकार और उससे जुड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म उनके खिलाफ मनगढ़ंत दावे कर रहे हैं। उनके अनुसार सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में उन पर साकची पार्किंग से कथित अवैध वसूली में हिस्सेदारी लेने तथा अन्य निराधार आरोप लगाए गए हैं, जिनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
सरयू राय ने कहा कि यदि किसी के पास उनके खिलाफ कोई आरोप है तो उसे प्रमाण सहित सार्वजनिक करना चाहिए। बिना सबूत लगाए गए आरोप न केवल व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि समाज में भ्रम भी फैलाते हैं। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उनके खिलाफ इस प्रकार के आरोप लगाए गए हों। अतीत में भी विभिन्न राजनीतिक और निजी स्वार्थों के कारण ऐसे प्रयास हुए हैं। उनका दावा है कि जब भी वे भ्रष्टाचार या अनियमितताओं से जुड़े मामलों को सार्वजनिक रूप से उठाते हैं, तब कुछ लोग उनके खिलाफ दुष्प्रचार का सहारा लेते हैं।
राय ने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना का अधिकार सभी को है, लेकिन आरोपों के साथ प्रमाण भी होना चाहिए। यदि आरोप सिद्ध नहीं किए जा सकते तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।

