चतरा : चतरा बस स्टैंड के समीप संचालित मेदांता हॉस्पिटल में गलत इलाज से गर्भवती महिला और उसके अजन्मे बच्चे की मौत हो गई इस मामले में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेदांता अस्पताल को सील कर दिया है। उपायुक्त रवि आनंद के निर्देश पर गठित टीम ने देर शाम मेदांता अस्पताल पहुंचकर जांच की और प्राथमिक जांच में इलाज में लापरवाही के संकेत मिलने और मरीज को चढ़ाने के लिए रेड क्रॉस से रक्त मुहैया कराने जैसी बात झूठ पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।गौरतलब है कि लावालौंग थाना क्षेत्र के चुकु गांव निवासी लाटो गंझू की 20 वर्षीय गर्भवती पत्नी बैजंती देवी तथा उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया था। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए थे,जिसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया।उपायुक्त के निर्देश पर गठित जांच टीम में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. पंकज कुमार, अंचलाधिकारी अनिल कुमार तथा सदर थाना प्रभारी अवधेश सिंह शामिल थे। जांच के दौरान अस्पताल में एक मरीज इलाजरत पाया गया। जिसे उपचार के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। हालांकि इस दौरान चिकित्सक और अधिकांश कर्मी मौके से फरार पाए गए। उपस्थित लोगों ने अधिकारियों को बताया कि उन्होंने विकास यादव और अन्य लोगों को अस्पताल संचालन के लिए भवन किराये पर दिया है।
निजी नर्सिंग होम में गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत मामले में बड़ी कार्रवाई, मेदांता हॉस्पिटल सील

