जमशेदपुर। विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर मानगो स्थित अर्जुन इंक्लेव में रविवार को हमर अधिकार मंच के तत्वावधान में भव्य पत्रकार एवं नागरिक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान मानवाधिकार कार्यशाला भी आयोजित की गई, जिसमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, पत्रकारों की सुरक्षा, लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका और मानवाधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। समारोह में शहर के पत्रकारों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम का नेतृत्व हमर अधिकार मंच के राष्ट्रीय मुख्य सलाहकार अरुणाभा कर ने किया। समारोह में मंच के अध्यक्ष दीपेश निराला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि उमाशंकर सिंह और डॉ. सबा सिद्दीकी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। इसके बाद पत्रकारिता और सामाजिक सरोकारों पर केंद्रित परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने लोकतंत्र में स्वतंत्र मीडिया की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
अपने संबोधन में दीपेश निराला ने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देशभर में पत्रकारों पर हमले और उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और समाज की आवाज को सत्ता तक पहुंचाने का कार्य करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने और सामाजिक न्याय को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार गोविंद पाठक समेत कई पत्रकारों और समाजसेवियों को अंगवस्त्र, मोमेंटो, पुष्पगुच्छ और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में अनुप श्रीवास्तव, कोल्हान प्रमंडल मंडल ब्यूरो हेड बृजराज सिंह, राजेश गुप्ता, प्रदीप मिश्रा, राकेश सिंह, सोमनाथ तिवारी, आशिफ हुसैन तथा ZEE भारत NEWS के जमशेदपुर कार्यालय प्रबंधक आफरीन अजिम सहित कई मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा हमर अधिकार मंच के उपाध्यक्ष संतोष मृदुला और मीना कुमारी, संयुक्त सचिव दिलीप कुमार, कार्यकारिणी सदस्य सुजीत कुमार पांडेय, सूरज कुमार सिन्हा, रीना श्रीवास्तव, चंदन प्रसाद समेत अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।
समारोह के दौरान दीपेश निराला ने अरुणाभा कर को मंच की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। वहीं उन्होंने अरुणाभा कर और डॉ. सबा सिद्दीकी को अपनी लिखित पुस्तक भी भेंट की। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता केवल खबरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में जागरूकता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम भी है।
पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और सम्मान का माहौल बना रहा। उपस्थित लोगों ने इसे पत्रकारिता, मानवाधिकार और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में एक सकारात्मक और महत्वपूर्ण पहल बताया। समारोह के अंत में आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से पत्रकारों और समाजसेवियों को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया।

