चाईबासा: प्रमंडलीय स्तरीय मुखिया सम्मेलन में पूर्व सांसद सह प्रदेश उपाध्यक्ष गीता कोड़ा ने राज्य सरकार पर गुमराह करने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने मंत्री दीपिका सिंह पांडे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार के योगदान को नजरअंदाज करना सही नहीं है।
गीता कोड़ा ने कहा कि झारखंड में पंचायत चुनाव भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में सफलतापूर्वक कराए गए थे और पार्टी हमेशा गांव की सरकार को मजबूत करने के पक्ष में रही है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग के तहत झारखंड को 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी गई है और हाल ही में 275 करोड़ रुपये भी जारी किए गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इन योजनाओं का श्रेय खुद लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार पंचायत प्रतिनिधियों को सशक्त करना चाहती है, तो डीएमएफटी फंड की कमेटियों में उन्हें शामिल किया जाए और पेसा कानून के तहत ग्राम सभा की योजनाओं को लागू किया जाए।
गीता कोड़ा ने ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है, संवेदकों को समय पर भुगतान नहीं हो रहा है और कई योजनाएं टेंडर के बाद भी लंबित हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि गुमराह करने वाली बयानबाजी से बाज आए, अन्यथा जनता इसका जवाब देगी।
इस संबंध में जानकारी जिला मीडिया प्रभारी जितेंद्र नाथ ओझा द्वारा जारी की गई।

